‘गौशाला’ में कोविड केंद्र, दूध, घी-गोमूत्र से बनीं दवा से इलाज, गुजरात के गांव में संक्रमण से ऐसे लड़ी जा रही जंग

गुजरात के बनासकांठा के गौशाला में बनाए गए कोविड केयर को “वेदालक्षन पंचगव्य आयुर्वेद कोविड आइसोलेशन सेंटर” का नाम दिया गया है। इस सेंटर को बीते 5 मई को शुरू किया गया है।

Author Avinash Nair Translated By रुंजय कुमार अहमदाबाद | May 9, 2021 4:07 PM
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देशभर में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इस बीमारी के इलाज को लेकर कई तरह की अफवाहें भी उड़ रही है। कई लोग गोमूत्र और आयुर्वेदिक दवाओं के सहारे कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने का दावा कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात से सामने आया है। गुजरात के बनासकांठा के एक गौशाला में बने कोविड केयर सेंटर में कोरोना संक्रमितों का इलाज गोमूत्र, दूध और घी के सहारे किया जा रहा है।

गुजरात के बनासकांठा के गौशाला में बनाए गए कोविड केयर को “वेदालक्षन पंचगव्य आयुर्वेद कोविड आइसोलेशन सेंटर” का नाम दिया गया है। इस सेंटर को बीते 5 मई को शुरू किया गया है। इस सेंटर को चलाने वाले मोहन जाधव ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा कि यहां कोरोना के हल्के लक्षणों वाले संक्रमितों को आठ आयुर्वेदिक दवाएं दी जा रही है। इस दवा को गाय के दूध, घी और मूत्र से तैयार किया गया है। 

साथ ही जाधव ने कहा कि यहां मुख्य रूप से Covid-19 लक्षणों वाले मरीजों का इलाज पंचगव्य आयुर्वेद के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां भर्ती हुए मरीजों के लिए “गौ तीर्थ” का उपयोग  किया जाता है जिसे देसी गायों के मूत्र और अन्य जड़ी बूटियों को मिलाकर तैयार किया गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों को एक इम्यूनिटी बूस्टर भी दिया जा रहा है, जो गाय के दूध से बनाया गया है।

हालांकि जाधव ने यह भी कहा कि गौशाला में कोविड केयर सेंटर में दो आयुर्वेदिक डॉक्टरों को रखा गया है जो कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहां जरूरत के हिसाब से मरीजों को एलोपैथिक दवा भी दी जा रही है और इसके लिए दो एमबीबीएस डॉक्टर भी रखे गए हैं। गौशाला प्रशासन के अनुसार यहां मरीजों का इलाज फ्री में किया जा रहा है।

गौशाला में चल रहे कोविड केयर सेंटर को लेकर बनासकांठा के जिला कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा कि कोरोना केयर सेंटर बनाने के लिए किसी की भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। साथ ही पटेल ने यह भी कहा कि गौशाला में चला रहे कोविड केयर सेंटर के लोगों ने उन्हें सूचित भी किया था और इसकी अनुमति भी दे दी गई थी। बता दें कि बनासकांठा में सबसे ज्यादा कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं और जिले में आइसोलेट करने के लिए करीब 6400 बेडों की व्यवस्था की गई है।