घर की डाउनपेमेंट, बेटी की पढ़ाई, रिटायरमेंट प्‍लानिंग, महीने में कितना करना होगा निवेश

वास्‍तव में घर की डाउनपेंमेंट, बेटी की पढ़ाई, रिटायरमेंट प्‍लानिंग जैसे गोल्‍स के साथ आगे बड़ते हैं। इन गोल्‍स को पूरा करने के लिए आपको अच्‍छी रकम की जरुरत होती है। इसके लिए आप कई निवेश योजनाओं में छोटा-छोटा इंवेस्‍ट करते हैं। ताकि भविष्‍य में अपनी जरुरतों को पूरा सके।

money, calculator, india news तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

एसआईपी एक छोटे निवेशक के लिए अपने फाइनेंश‍ियल टारगेट को पूरा करने के लिए अच्‍छा ऑप्‍शन है। अधि‍कतर लोग नियमित निवेश जरिए एक छोटी राशि जैसे 5000 रुपए से 10,000 रुपए प्रति माह खर्च करते हैं। लेकिन जैसा कि आप भी जानते हैं, सिर्फ 5000-10,000 रुपए प्रति माह निवेश करने से आपको अपने फाइनेंश‍ियल गोल्‍स तक पहुंचने में मदद नहीं मिलेगी। इसके लिए आपको अपनी सही मासिक एसआईपी राशि तय करनी होगी।

वास्‍तव में घर की डाउनपेंमेंट, बेटी की पढ़ाई, रिटायरमेंट प्‍लानिंग जैसे गोल्‍स के साथ आगे बड़ते हैं। इन गोल्‍स को पूरा करने के लिए आपको अच्‍छी रकम की जरुरत होती है। इसके लिए आप कई निवेश योजनाओं में छोटा-छोटा इंवेस्‍ट करते हैं। ताकि भविष्‍य में अपनी जरुरतों को पूरा सके। इसी के लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको हर महीने कितने रुपए की एसआईपी करने की जरुरत है ताकि आप अपने इन सभी गोल्‍स को पूरा कर सकें।

लगातार निवेश को बढ़ाते रहें
हमें इसे एक उदाहरण से समझने की जरुरत है। मान लीजिए कि आप 35 साल के हैं, जो हर महीने 1.25 लाख रुपए कमाते हैं। आप और आपका इंप्‍लॉयर मिलकर ईपीएफ में प्रति माह कुल 10,000 रुपए का योगदान करते हैं। नियमित मासिक खर्च 75,000 रुपए प्रति माह है और इसलिए, आप बाकी राश‍ि से प्रति माह 50,000 रुपए का निवेश कर सकते हैं। इस सरप्लस से आपने अभी-अभी सिप में 10,000 रुपए प्रति माह निवेश करना शुरू किया था और शेष पैसे को दूसरे फाइनेंश‍ियल इंस्‍ट्रूमेंट्स में इंवेस्‍ट कर रहे थे।

कुछ ऐसे गोल्‍स जिन्‍हें आप कर रहे हैं टारगेट

  • घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट (5 साल बाद 15 लाख रुपए),
  • बेटी की हायर एजुकेशन (14 साल बाद 50 लाख रुपए), और
  • रिटायरमेंट प्‍लानिंग (25 साल बाद 5 करोड़ रुपए)

कुछ तरह से करनी होगी फाइनेंशि‍यल प्‍लानिंग

  • घर खरीदने के लिए अपने 15 लाख रुपए के डाउनपेमेंट को जमा करने के लिए 5 साल के लिए 75 से 100 फीसदी कर्ज में प्रति माह 19000-21,000 रुपए।
  • 60:40 इक्विटी में प्रति माह 14000-15,000 रुपए: बेटी की उच्च शिक्षा के लिए 50 लाख रुपए जमा करने के लिए 14 साल का कर्ज।
  • 60:40 इक्विटी में प्रति माह 42000-43,000 रुपए: आपकी रिटायरमेंट प्‍लानिंग के लिए 5 करोड़ रुपए जमा करने के लिए 25 साल का कर्ज।

यानी आपको अपनी चुनी हुई समयसीमा और लक्षित बजट के भीतर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रति माह 75000-79,000 रुपए का निवेश करने की आवश्यकता है। लेकिन अब एक छोटी सी समस्या है।

अपने निवेश पर दोबारा करें काम
आपकी सैलरी से सारे खर्च निकालकर कुल बचत सिर्फ 50 हजार रुपए है जबकि आपको अपने फ्यूचर गोल्‍स को पूरा करने के लिए 75 हजार रुपए की जरुरत है। बेशक, आप अपनी बची हुई राश‍ि से ज्‍यादा निवेश नहीं कर सकते। उसके बाद भी आप अपने टारगेट तक पहुंच सकते हैं।

50 हजार को किसमें कितना डालें

  • हाउस डाउन-पेमेंट के लिए 20,000 रुपए प्रति माह
    -बेटी के हायर एजुकेशन के लिए 15,000 रुपए प्रति माह
  • बाकी राश‍ि 15,000 रुपए प्रति माह आपके रिटायमेंट के लिए। आप पहले से ही ईपीएफ के जरिए 10,000 रुपए का निवेश कर रहे हैं। तो कुल 25,000 रुपए अब रिटायरमेंट की ओर जा रहे हैं।

जैसा कि आप देख सकते हैं, आप घर खरीदने और बेटी की उच्च शिक्षा के लक्ष्यों को पर्याप्त रूप से वित्तपोषित कर रहे हैं। लेकिन आप अभी भी रिटायरमेंट के लिए अंडरफंडिंग कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए प्रति माह 42000-43,000 रुपए के निवेश की आवश्यकता होती है और आप केवल 25,000 रुपए प्रति माह का योगदान दे रहे हैं। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है।

याद रखें, आपका घर खरीदने का लक्ष्य केवल पांच साल के लिए है। तो, पांच साल पूरे होने के बाद, उस लक्ष्य की ओर जाने वाली राशि (20,000 रुपये) को मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन रुकें। यह न भूलें कि आपके होम लोन की ईएमआई भी शुरू हो जाएगी। इसलिए हम उस अधिशेष का उपयोग नहीं कर सकते।

आपकी बेटी की शिक्षा का लक्ष्य भी 14 साल में पूरा होगा। तब आपके पास सेवानिवृत्ति के लिए और 11 वर्ष शेष रहेंगे। और आपकी बेटी की बचत की ओर जाने वाला पैसा सेवानिवृत्ति के लिए उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा। तो इससे रिटायरमेंट फंडिंग गैप की थोड़ी भरपाई हो जाएगी। लेकिन यह अभी भी पर्याप्त नहीं हो सकता है। फिर समाधान क्या है?

आपकी इनकम 1.25 लाख रुपए प्रति वर्ष पर एक जैसी नहीं रहेगी। इसलिए जैसे-जैसे आपकी इनकम बढ़ती रहेगी। ऐसे में आपको हर साल अपनी रिटायमेंट प्‍लानिंग एसआईपी में इजाफा करते रहना होगा। एसआईपी महत्वपूर्ण है। लेकिन कुछ वर्षों के संचय के बाद, आपके एमएफ पोर्टफोलियो का आकार मासिक एसआईपी राशि से काफी बड़ा हो जाएगा। इसलिए आपको समय-समय पर समग्र पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करके इस पहलू पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।