घर छोड़ सिर्फ एक जोड़ी कपड़ों में आ गए दिल्ली- दर्द बयां कर बोलीं अफगानी सीनेटर; कहा- आई लव इंडिया

अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालने के अभियान से अवगत अधिकारियों ने बताया कि काबुल से लाए गए 168 लोगों के समूह में अफगान सांसद अनारकली होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा एवं उनके परिवार भी शामिल हैं।

afghanistan crisis, afghanistan, taliban अफगान सीनेटर अनारकली कौर होनरयार और काबुल से भारत लौटे नागिरकों का जत्था। (फोटोः वीडियो स्क्रीनग्रैब-एबीपी न्यूज/पीटीआई)

अफगानिस्तान में तालिबान ने जो कुछ किया, उस पर अभी भी वहां की उच्च सदन की सीनेटर अनारकली कौर होनरयार को यकीन नहीं होता है। उन्होंने कभी सपनों में भी नहीं सोचा था कि उन्हें इस दिन का सामना करना पड़ेगा। ऐसी चीजें सिर्फ उन्होंने फिल्मों में ही देखी थीं। रविवार (22 अगस्त, 2021) को काबुल से भारत लौटे 168 लोगों के समूह में होनरयार भी हैं।

बेबसी के आलम के बीच उन्होंने मीडिया से अपना दर्द बयां किया। हिंदी न्यूज चैनल एबीपी न्यूज को उन्होंने बताया, “कहने को बहुत कुछ है, पर तबीयत ऐसी नहीं है कि सब कुछ बता सकें। सब कुछ छोड़ कर…।” वह इसके बाद जज्बाती हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने आगे बताया- हम अपने मुल्क को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए। हम भारत, मोदी जी और वायुसेना का शुक्रिया अदा करते हैं। गुजारिश है कि जो अफगानिस्तान में फंसे हैं, उन्हें भी निकाला जाए।

बकौल अनारकली, “मेरा परिवार सब कुछ छोड़कर एक ही जोड़ी कपड़ों में दिल्ली आ गए। पर हम इंडिया से बहुत प्यार करते हैं। हमारी संस्कृति एक जैसे ही हैं। पर अपने देश को छोड़ना आसान बात नहीं है। वहां कोई गारंटी नहीं है। सरकार न होने की वजह से स्थितियां ठीक नहीं हैं। मैंने सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा। यह सब बॉलीवुड और हॉलीवु़ड की फिल्मों में देखा था। पर जो मैंने सच्ची जिंदगी में देखा था, तो कभी-कभी यकीन नहीं होगा। पिछले हफ्ते हम इसी वक्त ऑफिस में थे और दो घंटे में सब बदल गया।” उन्होंने यह भी माना कि वह अफगानिस्तान से निकल पाएंगी। उन्होंने बताया कि वे लोग भी बेबस हैं। भारत सरकार से उनकी गुजारिश है कि जो संगत वहां फंसी है, सरकार उसे भी निकाले।

तीन उड़ानों में करीब 400 लोगों को वापस लाया भारतः अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल में खराब होती सुरक्षा स्थिति की पृष्ठभूमि में भारत अफगान राजधानी से अपने नागरिकों को बाहर निकालने के अपने प्रयासों के तहत तीन उड़ानों के जरिए अपने 329 नागरिकों और दो अफगान सांसद समेत करीब 400 लोगों को रविवार को देश वापस ले आया।

‘भारत आने वाले अफगानियों को लगेगा पोलियो रोधी टीका’: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि भारत ने अफगानिस्तान से लौट रहे लोगों को एहतियाती उपाय के तहत पोलियो रोधी टीका नि:शुल्क लगाने का फैसला किया है। मंत्री ने ट्विटर पर एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें युद्धग्रस्त देश से लौटे लोगों को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीका लगवाते हुए देखा जा सकता है।

दुनिया में अफगानिस्तान और पाकिस्तान ही ऐसे दो देश हैं जहां पोलियो अब भी ‘एन्डेमिक’ (किसी विशेष स्‍थान या व्‍यक्ति वर्ग में नियमित रूप से पाया जाने वाला रोग) है। मांडविया ने ट्वीट किया, “ हमने अफगानिस्तान से लौट रहे लोगों को ‘वाइल्ड पोलियो वायरस’ के खिलाफ एहतियातन नि:शुल्क पोलियो रोधी टीका – ओपीवी एवं एफआईपीवी लगाने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा, “ सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुनिश्वचित करने के लिए स्वास्थ्य टीम को उनके प्रयास के लिए बधाई।”

काबुल हवाईअड्डे पर अफरा-तफरी, सात की मौतः काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निकट एकत्र हुई लोगों की भीड़ में शामिल सात अफगान नागरिकों की मौत हो गई है। ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा, ‘‘जमीनी स्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हम अधिक से अधिक सुरक्षित तरीके से हालात को संभालने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’’ अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उसके शासन से बचकर भागने की कोशिश में हजारों लोग हवाईअड्डे पर एकत्र हो गए हैं।