“चौकीदार ही वेंटिलेटर चला रहा था…”, कोरोना के चलते 2 प्रियजनों को खोया, अब मृत्यु प्रमाण पत्र को भटक रहे पीड़ित

पीड़ित से सभी जरूरी कागजात भी मांगे गए जिससे यह पता चल सके कि उनकी पत्नी की मौत कोरोना की वजह से ही हुई है। लेकिन प्रशासन ने मृत्यु प्रमाण पत्र में यह लिखने से साफ़-साफ़ मना कर दिया कि उनकी पत्नी की मौत कोरोना की वजह से हुई है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः पीटीआई)

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो मंजर देखा गया वो आज भी लोगों के रौंगटे खड़ा कर देता है। कई कोरोना संक्रमित वेंटिलेटर, अस्पताल में बेड की कमी और जरूरी दवाओं की किल्लत होने की वजह बेवक्त काल के गाल में समा रहे थे। दूसरी लहर से उबरने के बाद भी कई लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कोरोना काल में वेंटिलेटर और जरूरी इलाज की कमी की वजह से अपने 2 प्रियजनों को खोने वाले शख्स अब उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। 

मोजो स्टोरी की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश के सीहोर के रहने वाले अजय सिसोदिया की पत्नी रजनी सिसोदिया कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोरोना संक्रमित पाई गई थी। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद जब अजय सिसोदिया ने अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराना चाहा तो उसे काफी दिक्कतें आई। जैसे तैसे जब उनकी पत्नी को एक अस्पताल में बेड मिल भी गया तो वहां वेंटिलेटर चलाने वाला कोई शख्स ही मौजूद नहीं था। जिसकी वजह से अस्पताल का चौकीदार ही वेंटिलेटर चला रहा था।

स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाने के कारण थोड़े दिनों के बाद ही अजय सिसोदिया की पत्नी रजनी सिसोदिया की मौत हो गई। अजय सिसोदिया के भाई की भी मौत कोरोना की दूसरी लहर में हो गई। अपनी पत्नी की मौत के बाद अजय सिसोदिया को उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी खूब भटकना पड़ा। प्रशासन ने उनसे सभी जरूरी कागजात भी मांगे जिससे यह पता चल सके कि उनकी पत्नी की मौत कोरोना की वजह से ही हुई है। लेकिन प्रशासन ने मृत्यु प्रमाण पत्र में यह लिखने से साफ़- साफ़ मना कर दिया कि उनकी पत्नी की मौत कोरोना की वजह से हुई है।

 

अजय सिसोदिया ने जब इसका कारण जानना चाहा तो उन्हें बताया गया कि ऊपर से यह आदेश है कि किसी के भी मृत्यु प्रमाण पत्र में यह नहीं लिखा जाए कि उनकी मौत कोरोना की वजह से हुई है। आगे अजय सिसोदिया ने मोजो स्टोरी को यह भी बताया कि उन्हें अपनी पत्नी की आरटी पीसीआर रिपोर्ट भी नहीं दी जा रही थी। कोविड रिपोर्ट लेने के लिए भी उन्हें कोविड कमांड सेंटर के अधिकारियों से झगड़ा करना पड़ा जिसके बाद उन्हें रिपोर्ट सौंपी गई। 

 

भारत में कोरोना के मामले में लगातार कमी आ रही है। देश में 91 दिनों बाद सबसे कम कोरोना  के मामले सामने आए हैं। देश में पिछले 24 घंटों में 42,640 नए कोरोना केस आए और 1167 संक्रमितों की जान चली गई। देश में अभी भी 6,62,521 मामले एक्टिव हैं। देशभर में अभी तक कुल 3,89,302 लोगों की मौत इस महामारी की वजह से हो चुकी है।