छात्रसंघ का चुनाव जीतने के लिए दिया था कांग्रेस के खिलाफ भाषण, बोले कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार ने जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के दौरान दिए गए कांग्रेस के खिलाफ बयान पर सफाई देते हुए कहा कि हमने उस भाषण की शुरूआत में सीपीआई के नेता की भी आलोचना की थी। कन्हैया ने कहा कि हम पहले भी सच को सच और गलत को गलत बोलने वाले थे और आज भी हैं।

kanhaiya kumar, kanhaiya kumar congress, kanhiya kumar jnu कांग्रेस के खिलाफ बयान पर कन्हैया कुमार ने दी सफाई (फोटो- पीटीआई)

जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनके पुराने बयानों को लेकर निशाना साधा जा रहा है। इन बयानों में कन्हैया कांग्रेस की अलोचना करते दिख रहे हैं।

अब जब कन्हैया कांग्रेस में शामिल हो गए हैं तो उनके ये पुराने बयानों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इन्हीं बयानों में से एक ‘बर्बाद हिंदुस्तान करने को एक ही कांग्रेस काफी थी’ को लेकर जब कन्हैया से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि छात्रसंघ का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के खिलाफ भाषण दिया था।

एबीपी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में जब रिपोर्टर ने उनके इस बयान को याद दिलाते हुए पूछा कि अब कह रहे हैं कि कांग्रेस को बचाने की जरूरत है तो ये बदलाव, बिल्कुल यू टर्न ले लिया कन्हैया ने…? इसका जबाव देते हुए कन्हैया ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम भाजपा के नेता थोड़े हैं जो यू टर्न ले लेंगे। शाखा में जाएंगे गोडसे-गोडसे करेंगे, और जब कैमरा होगा तो गांधी-गांधी करने लगेंगे”।

कन्हैया ने कहा – दिक्कत क्या है जानते हैं, जबसे ये वीडियो एडिट होने लगा है ना, तो आपको भी हम चाहें तो सलमान खान बना देंगे। उसी भाषण की शुरूआत जो है, हमने सीपीआई के नेता की आलोचना से की है। पूरे 10 मिनट के भाषण को सुनिए। मैं एक संगठन से कैंडिडेट हूं, बाकि सभी संगठन के कैंडिडेट को मुझे हराना है, हराकर मुझे प्रेसिडेंट होना है। तो उसकी शुरूआत में जब हम अपनी पार्टी की आलोचना कर सकते हैं… मतलब पहले भी हम सच को सच और गलत को गलत बोलने वाले थे और आज भी”।

रिपोर्टर ने जब सीपीआई के महत्वाकांक्षा वाले बयान पर सवाल पूछा तो कन्हैया ने कहा कि उनकी महत्वाकांक्षा है कि देश मजबूत बने। इस देश में लोकतंत्र की परंपरा बचे। जेएनयू जैस संस्थान बचे… नहीं तो हम भी दिल्ली के किसी होटल पर प्लेट साफ कर रहे होते, डॉ. कन्हैया कुमार नहीं होते।

बता दें कि कन्हैया कुमार 28 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हो गए थे, उन्हें राहुल गांधी ने कांग्रेस की सदस्यता दिलाई थी। कन्हैया पहले सीपीआई में थे और उसी की टिकट पर बेगुसराय से लोकसभा चुनाव भी लड़े थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।