छोटी भूमिका में भी अपनी छाप छोड़ रहे सह-कलाकार

फिल्में सिर्फ हीरो, हीरोइन और खलनायक तक ही सीमित नहीं होती हैं। चरित्र भूमिकाएं करने वाले या कम लंबाई की भूमिकाएं निभाने वाले सह-कलाकारों का भी फिल्म में महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है।

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आरती सक्सेना
फिल्में सिर्फ हीरो, हीरोइन और खलनायक तक ही सीमित नहीं होती हैं। चरित्र भूमिकाएं करने वाले या कम लंबाई की भूमिकाएं निभाने वाले सह-कलाकारों का भी फिल्म में महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है। ऐसे सहकलाकारों की कमी नहीं है, जो कई फिल्मों में एक-दो सीन करके भी महफिल लूट लेते हैं और उनकी चर्चा हीरो से कम नहीं होती। यहां ऐसे ही सहकलाकारों और उनके काम पर एक नजर डाली गई है, जो फिल्मजगत में अपना विशेष स्थान बना चुके हैं।

हिंदी सिनेमा में इतिहास रचने वाली फिल्म ‘शोले’ में कालिया, सांभा और मौसी जैसे किरदार ज्यादा लंबाई के नहीं थे, मगर वे सालों बाद भी दर्शकों के जेहन में जिंदा हैं। इस फिल्म के बाद रमेश सिप्पी ने मल्टीस्टारर फिल्म ‘शान’ बनाई थी। बॉक्स आफिस पर यह फिल्म चाहे ‘शोले’ नहीं बन पाई हो, मगर इसमें एक-दो सीन करने वाले मजहर खान ‘नाम अब्दुल है मेरा सबकी खबर रखता हूं…’ गाने के जरिए आज भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं। जैकी श्रॉफ (स्वामी दादा) और मिठुन चक्रवर्ती (दो अजनबी) जैसे कलाकारों ने एक-दो सीन की भूमिकाओं से अपने करिअर की शुरुआत की और बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। आज के सफल सितारे सलमान खान ने ‘बीवी हो तो ऐसी’ में छोटी-सी भूमिका निभा कर ही अपने कैरियर की शुरुआत की थी और आज वह बॉलीवुड के सबसे ज्यादा चर्चित और सफल कलाकार हैं।

कार्तिक आर्यन ने ‘प्यार का पंचनामा’ में छोटा-सा किरदार निभाया था, जिसे इतना ज्यादा पसंद किया गया कि इसके बाद उन्हें लीड भूमिकाएं मिलने लगीं। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई कलाकार हैं जोे छोटी-छोटी भूमिकाएं करने के बावजूद फिल्मजगत में अपनी खास जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। मसलन परेश रावल, सोनू सूद, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, दिव्या दत्ता, नीना गुप्ता आदि ने सहकलाकार के रूप में काम किया और अपनी प्रतिभा के दम पर फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं भी निभार्इं। कलाकारों की भीड़ के बीच भी कई सहकलाकारों ने छोटी-सी भूमिकाओं में भी अपनी छाप छोड़ी है और ऐसे कई उदाहरण हैं।

बीते साल के सफल सह-कलाकार

अजय देवगन की सफल फिल्म ‘तानाजी : द अनसंग वॉरियर ’ में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाने वाले कलाकार शरद केलकर की बीते साल खूब तारीफें की गर्इं। इसी तरह ‘गुंजन सक्सेना’ में पंकज त्रिपाठी, ‘रुही’ में वरुण शर्मा और ‘गरमी गरमी…’ आइटम सांग वाली फिल्म ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ में नोरा फतेही को खासी लोकप्रियता मिली। इसी फिल्म ने धर्मेश येलाडे और राघव जुआल को लोकप्रिय चेहरा बना दिया। कार्तिक आर्यन और सारा अली खान की फिल्म ‘लव आज कल’ में छोटी भूमिका के बावजूद रणदीप हुड्डा ने अपनी अलग छाप छोड़ी। अपनी प्रतिभा के दम पर हुडा पहले भी कई फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभा चुके हैं। इसी तरह ‘पंगा’ में नीना गुप्ता, ‘बागी 3’ में अंकिता लोखंडे, ‘अंग्रेजी मीडियम’ और ‘लूडो’ में पंकज त्रिपाठी ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने में कामयाबी पाई।

इस साल करेंगे धमाल

‘राधे’ में चाहे सलमान खान की चर्चा की जा रही हो, मगर इसके खलनायक रणदीप हुडा को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का जबरदस्त मौका मिला है। वह इस फिल्म में मुख्य खलनायक बने हैं। रणदीप सलमान की ‘किक’ और ‘सुलतान’ में भी चमक दिखा चुके हैं। अमिताभ बच्चन और रणबीर कपूर की ‘ब्रम्हास्त्र’ में अभिनेत्री मोनी रॉय एक अलग अंदाज में दिखाई देंगी। जॉन अब्राहम की ‘सत्यमेव जयते 2’ में मनोज बाजपेयी को बेहतरीन भूमिका मिली है। मराठी फिल्म की रीमेक ‘मिमी’ में कीर्ति सेनॉन सरोगेट मदर की भूमिका में दिखाई देंगी।

जिन पर लगीं हैं नजरें

‘मिमी’ में पंकज त्रिपाठी की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। त्रिपाठी इसके अलावा आमिर खान की ‘लालसिंह चड्ढा’ और क्रिकेटर कपिल देव पर बनी ‘83’ में भी नजर आएंगे। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्मजगत में अपना अलग मकाम बना लिया है। इस साल उन्हें ‘बोले चूड़ियां’, ‘जोगिरा सारारारा’ ‘संगीन’ और ‘चंदा मामा दूर के’ जैसी फिल्मों में देखा जा सकेगा।

‘धाकड़’, ‘शीर कुरमा’, ‘आंख मिचौली’, ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’ जैसी फिल्मों में दिव्या दत्ता खास अंदाज में नजर आएंगी। इसी तरह नीना गुप्ता को ‘गुड बाय’ में अमिताभ बच्चन की पत्नी केअलावा ‘सूर्यवंशी’ में अक्षय कुमार की मां की भूमिका में देखा जा सकेगा। जिस तरह श्रेष्ठ भोजन भी बिना नमक के स्वादहीन लगता है, उसी तरह बिना सहकलाकारों के सहयोग के कोई फिल्म पूर्णता को प्राप्त नहीं हो सकती। जिस तरह हीरो, हीरोइनों को दर्शकों का प्यार मिलता रहा है, उसी तरह इन सहकलाकारों के काम को भी सिनेमाप्रेमी सराहते रहे, सराहते रहेंगे।