जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी में फिर ठनी, राज्यपाल ने ठुकराया स्पीकर का जल्दी शपथ का आग्रह

30 सितंबर को पश्चिम बंगाल में भवानीपुर सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी ने भाजपा की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58000 वोटों के अंतर से हराया।

mamta banerjee, west bengal कलकत्ता हाईकोर्ट में नंदीग्राम चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान वह खुद भी वर्चुअली मौजूद रहीं। (एक्सप्रेस फोटो)

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी की जीत के बाद राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और प्रदेश की सीएम ममता बनर्जी के बीच फिर से सियासी घमासान शुरू होता दिखाई दे रहा है। बता दें कि विधायक के तौर पर ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह को राज्यपाल ने टाल दिया है। दरअसल 7 अक्टूबर को विधायक के तौर पर ममता बनर्जी को शपथ लेना है।

शपथ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी न्योता भेजा गया था लेकिन राज्यपाल ने निमंत्रण के जवाब में कहा कि पहले गज़ेट जारी हो जाए फिर वे इस बारे में फैसला लेंगे। ऐसे में राज्यपाल और राज्य की सीएम के बीच फिर से सियासी तनाव देखने को मिल सकता है। बता दें कि स्पीकर की मंशा थी उपचुनाव में जीते तीनों तृणमूल सदस्यों को जल्द ही विधानसभा सदस्यता की शपथ दिलवा दी जाए। लेकिन राज्यपाल ने इसे ठुकरा दिया है।

इस संबंध में स्पीकर कार्यालय ने राज्यपाल को एक पत्र लिखा था और जल्द ही शपथ करवाने की मांग की थी। इस पत्र के जवाब में राजभवन की तरफ से कहा गया है कि, चुनाव के नतीजों की अधिसूचना जारी होने के बाद ही नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ या सदस्यता की पुष्टि के बारे में फैसला किया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि शपथ को लेकर सरकार व स्पीकर कार्यालय की तरफ से जो आग्रह किया गया है वो कानून की गलत व्याख्या पर आधारित है।

पश्चिम बंगाल में 30 सितंबर को भवानीपुर सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में ममता बनर्जी ने भाजपा की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58000 वोटों के अंतर से हराया। इस जीत के बाद ममता बनर्जी के सीएम पद की कुर्सी पर बना खतरा भी टल गया है। बता दें कि इसी साल बंगाल में हुआ विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से हार गईं थी।