जदयू विधायक गोपाल मंडल के बयान से भाजपाई भड़के, सहयोगी दल से बोले- अपने नेता को काबू में रखें; प्रदेश अध्यक्ष ने किया बयान पर जवाबतलब

जद (यू) विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल को पहले भी पार्टी ने निलंबित किया था। हालांकि बाद में निलंबन वापस ले लिया गया था। बावजूद इसके वे अपने विवादित बयानों और करतूतों से बाज नहीं आते हैं।

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बिहार की क्षेत्रीय राजनीति में नेताओं के बयान खुद उनके लिए ही मुसीबत की वजह बन रहे हैं। भाजपा और जनता दल (यू) की साझा सरकार में कुछ नेताओं के बिना वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लिए सार्वजनिक रूप से बयान देने से कई बार पार्टी के लिए भी संकट पैदा होता रहा है। हाल ही में जदयू के गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस करके गंभीर आरोप लगाए थे। इसको लेकर वहां विवाद खड़ा हो गया।

भाजपा के कई नेताओं ने विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल के इस तरह बयानबाजी पर सख्त एतराज जताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, नितिन नवीन, नीरज कुमार सिंह बबलू, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने जद (एकी) के बड़बोले विधायक गोपाल मंडल पर फौरन कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्हें काबू में रखने को कहा है।

इनका कहना है कि भाजपा के एमएलसी टुन्ना पांडे ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन पर फ़ौरन कार्रवाई की थी। इसके बाद जद (यू) प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधायक गोपाल मंडल से जवाबतलब किया।

जद (यू) विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल को पहले भी पार्टी ने निलंबित किया था। हालांकि बाद में निलंबन वापस ले लिया गया था। बावजूद इसके वे अपने विवादित बयानों और करतूतों से बाज नहीं आते हैं। हाल ही में कोरोना महामारी की वजह से बिहार के मंदिरों के पट बंद थे। मगर ये सावन में अपने चार-पांच समर्थकों के साथ कांवड़ लेकर बाबा बूढ़ानाथ मंदिर जलाभिषेक करने पहुंच गए।

वहां भी काफी हंगामा किया, मगर मंदिर के पट नहीं खुले। विधायक होने का रौब भी दिखाया। मंदिर के दरवाजे को तोड़ देने के मूड में काफी झकझोरा। ड्यूटी पर तैनात पुलिस सहायक अवर निरीक्षक के मना करने पर बकझक की। सत्ता पार्टी के विधायक होते हुए भी विपरीत काम किया।  

इधर, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद भागलपुर दौरे पर आए तो उन पर बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके धनउगाही का आरोप लगा दिया। साथ ही बोले कि राजग उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले लोजपा प्रत्याशी राजेश वर्मा के घर जाकर आतिथ्य स्वीकारा। लोजपा कार्यकर्ताओं से घिरे रहते है। गठबंधन धर्म नहीं निभाते है। मेरी उपेक्षा करते है। मुझे बैठक में नहीं बुलाते। साथ ही उन्होंने पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी को दलबदलू बताया, और बोले कि पार्टी निलंबित करेगी तो अन्ना हजारे बन जाऊंगा।