जब पीएम मोदी पर बोले थे लालू यादव, दुनिया की परिक्रमा कर रहे हैं, तभी आ रहा भूकंप

उन्होंने पूछा “आपको मैनडेट मिला है आप काम करिए। नौजवानों को नौकरी क्यों नही दी। किसानों की जमीन, भू अधिग्रहण खतरनाक बिल क्यों लाए। लोगों से जो वादे किए थे, वे पूरे क्यों नहीं किए?”

राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक और नेता लालू प्रसाद यादव। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक और नेता लालू प्रसाद यादव अपने मजेदार और हास्य-व्यंग्य से भरपूर कमेंट के लिए काफी चर्चित रहे हैं। उनके शब्दों और बोलने के अंदाज से उनके विरोधी भी अक्सर सदन में हंसने लगते हैं। पीएम मोदी के 2015 में एक साल पूरे होने पर आजतक न्यूज चैनल की ओर से आयोजित कॉनक्लेव में लालू प्रसाद यादव ने कमेंट किया कि मोदी की विदेशी यात्राओं से देश में भूकंंप आ रहा है।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने उनसे पूछा कि मोदी जी का एक साल का कार्यकाल कैसा रहा। इस पर उन्होंने कहा कि मोदी जी ने जो वादे किए थे, वे एक भी पूरे नहीं किए। इससे लोगों में निराशा है। उन्होंने कहा कि “मोदी जी दुनिया की परिक्रमा कर रहे हैं। ऐसा घूम रहे हैं कि भूकंप आ गया। धरती हिलने लगी। लोग घर छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं। इन्हें अभी घूमने दीजिए। घूमघाम कर जब आएंगे तो देखिएगा। एंकर राजदीप सरदेसाई ने कहा ऐसा क्यों कह रहे हैं तो उन्होंने पूछा “आपको मैनडेट मिला है आप काम करिए। नौजवानों को नौकरी क्यों नही दी। किसानों की जमीन, भू अधिग्रहण खतरनाक बिल क्यों लाए। लोगों से जो वादे किए थे, वे पूरे क्यों नहीं किए?”

कार्यक्रम में लालू जी से पूछा गया कि अच्छे दिन कब आएंगे। वे बोले कि मोदी जी के अच्छे दिन आ गए हैं, जनता के लिए नहीं आए हैं। एंकर राजदीप ने कहा कि विपक्ष के अच्छे दिन तब आएंगे जब पूरा विपक्ष एक हो जाए। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्ष के नेता अपने दल मर्ज करेंगे। इस पर लालू प्रसाद यादव ने टालते हुए कहा कि विपक्ष क्यों मर्ज होगा।

कहा कि विपक्ष एक है। उसको मर्ज होने की जरूरत नहीं है। समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव विपक्ष की ओर से सभी नेताओं से बातचीत करेंगे। उसका फैसला तभी होगा।

कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उनको सब लोग कामेडियन और जोकर कहते हैं। कहा कि ऐसा करने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कहा कि लालू प्रसाद यादव जो बोलते हैं वह तथ्य है। वह सच है। लोगों को भ्रम में नहीं रखते हैं। सीधा-सपाट कहते हैं।