जब बीमार कर्पूरी ठाकुर को जीप से छोड़वाने से लालू ने कर दिया था इनकार, कहलवाया- तेल नहीं है

अनुरंजन झा ने अपनी किताब ‘गांधी मैदान Bluff of Social Justice’ में इस वाकये का ज‍िक्र करते हुए ल‍िखा है, ”कलफदार कुर्ते और महंगे सैंडिल के शौकीन लालू यादव ने कर्पूरी ठाकुर के संदेशवाहक को टका सा जवाब देते हुए कहा, “मेरी जीप में तेल नहीं है।”

Lalu Yadav, Karpoori Thakur, Bihar

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर अपनी सादगी के लिए चर्चित थे। दो बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद वो रिक्शे से चला करते थे। पटना की सड़कों पर अक्सर उन्हें मैला कुर्ता और हवाई चप्पल पहने रिक्शे पर बैठ जाते देखा जा सकता है। ये वो दौर था, जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव राजनीति की सीढ़ियां चढ़ना शुरू किये थे। खुद को कर्पूरी ठाकुर का शिष्य कहने वाले लालू जब पहली बार ही सांसद बने तो विल्स की एक सेकेंड हैंड जीप खरीद ली और इसी से चला करते थे।

एक मौका ऐसा आया जब कर्पूरी ठाकुर को लालू की जीप की जरूरत पड़ गई। उस वक्त कर्पूरी ठाकुर बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हुआ करते थे और अस्वस्थ चल रहे थे। एक दिन उन्हें किसी जरूरी काम से विधानसभा जाना था। चूंकि उनके पास अपनी कोई गाड़ी नहीं थी, ऐसे में लालू की याद आई। उन्होंने अपने किसी करीबी से लालू यादव (Lalu Yadav ) के पास संदेश भिजवाया कि कर्पूरी ने कहा कि संभव हो तो वह अपनी जीप में उन्हें विधानसभा छोड़ दें।

वरिष्ठ पत्रकार अनुरंजन झा अपनी हाल‍िया किताब ‘गांधी मैदान Bluff of Social Justice’ में इस किस्से का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि कलफदार कुर्ते और महंगे सैंडिल के शौकीन लालू यादव ने संदेशवाहक को टका सा जवाब देते हुए कहा, “मेरी जीप में तेल नहीं है।”

नेताओं को दिलाई जमीन, लेकिन खुद नहीं ली: झा ने कर्पूरी ठाकुर की सादगी दर्शाने वाले एक और वाकये का ज‍िक्र करते हुए ल‍िखा है- 70 के दशक में बिहार सरकार ने पटना में विधायकों और पूर्व विधायकों को निजी आवास के लिए सस्ती दर पर जमीन देने का फैसला लिया। कर्पूरी ठाकुर ने भी अपने दल के नेताओं से कहा कि वे भी जमीन ले लें। हालांकि जब उनसे कहा गया कि आप भी अपने लिये जमीन ले लीजिये, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। कर्पूरी के एक मुंहलगे विधायक ने कहा कि आप भी ले लीजिये जमीन। आप नहीं रहेंगे तो आपका बाल-बच्चा सब कहां रहेगा? कर्पूरी ठाकुर ने जवाब दिया, कुछ नहीं करेगा तो गांव में रहेगा…।

सुबह 5 बजे जग जाते थे कर्पूरी ठाकुर: जननायक कहे जाने वाले कर्पूरी ठाकुर अपने उसूलों को लेकर बेहद सजग रहते थे। उतना ही संयमित जीवन भी जीते थे। वे सुबह 5 बजे जग जाते थे। मुख्यमंत्री रहते हुए एक बार वे कपिल देव सिंह के घर पर दोपहर के भोजन पर पहुंचे। वहां समाजवादी नेता शिवकुमार भी मौजूद थे। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर से मिलने का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि सुबह 5 बजे आ जाइए…।

कर्पूरी ठाकुर की बात सुन शिव कुमार चौंक गए और पूछा- सुबह पांच बजे? कौन मिलेगा? कौन मुझे मुख्यमंत्री आवास में घुसने देगा? इसपर कर्पूरी ठाकुर ने उनसे कहा कि कि आप आइये तो सही…। कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि (17 फरवरी) पर शिव कुमार ने दैनिक भास्कर के लिए लिखे अपने संस्मरण में इस घटना का ज‍िक्र करते हुए लिखा है, ‘दिसंबर के महीने में, 5 बजे सुबह काफी अंधेरा था। गार्ड ने नाम, पता और काम पूछकर उन्हें मुख्यमंत्री आवास में भेजा। वे अंदर गए तो देखा कि वे अकेले नहीं हैं। वहां बहुत सारे लोग थे…।