जब राज बब्बर बने सलीम जावेद की स्क्रिप्ट के हीरो, कभी अमिताभ बच्चन तो कभी शशि कपूर ने ऐसे छीन लिए थे रोल

राज बब्बर ने किस्सा शेयर करते हुए कहा था- ‘मेरी एक फिल्म थी शारदा, 500 रुपए में मैंने वो रोल किया था। वैसे मैं उस फिल्म में सेकेंड लीड हीरो था, सारिका जी के सामने।

Raj Babbar, Salim Khan, Javed Akhtar, Salim Javed, जब राज बब्बर ने साइन की थी फिल्म लेकिन बाद में चली गई अमिताभ बच्चन के पास (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

राज बब्बर का फिल्मी दुनिया में कोई गॉड फादर नहीं था। वे दिल्ली से मुंबई अकेले आए थे। जब जावेद और सलीम ने उन्हें NSD में एक प्ले में एक्ट करते हुए देख लिया था, तो उन्हें मुंबई बुला लिया गया था। राज बब्बर ने बताया था कि उनकी इंस्पिरेशन दारा सिंह थे। उनकी फिल्में देख कर ही राज बब्बर ने फिल्मों में आने का मन बनाया। बाद में उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्में देखीं तो वे और मोटिवेट हुए और फिल्मीं दुनिया में एंट्री मारी। राज बब्बर ने एक किस्सा बताया जब सलीम खान और जावेद ने उन्हें अपनी लिखी स्क्रिप्ट में मेन हीरो का रोल दे डाला था। लेकिन बाद में कुछ ऐसा हुआ कि बीच में अमिताभ बच्चन आ गए और रोल ले गए।

वो वक्त था जब सलीम-जावेद की जोड़ी हिट थी। 70-80 के दशक में जावेद-सलीम की लिखी हर फिल्म हिट हो रही थी। कहा जाता है कि सलीम जावेद उस वक्त अमिताभ को ध्यान में रख कर अपनी स्क्रिप्ट लिखने लगे थे। वहीं शुरुआती दौर में ऐसा भी हुआ जब सलीम जावेद ने राज बब्बर को अपनी फिल्म का हीरो चुना। इस बारे में खुद राज बब्बर ने बताया था।

राज बब्बर ने किस्सा शेयर करते हुए कहा था- ‘मेरी एक फिल्म थी शारदा, 500 रुपए में मैंने वो रोल किया था। वैसे मैं उस फिल्म में सेकेंड लीड हीरो था, सारिका जी के सामने। लेकिन एंड में उसमें मेरा चेहरा नजर आता है। जितेंद्र साहब जब मुझे पकड़ लेते हैं तो मैं कहता हूं नहीं पहचाना आपने? सारिका कहती हैं ये वो ही हैं। तो वो आधे सेंटेंस का रोल था मेरा।’

उन्होंने आगे बताया था कि – ‘फिल्म शक्ति में मुझे मेन रोल करने का मौका मिला था। मैं दिल्ली में प्ले करता था तो सलीम जावेद जी ने मुझे देखा। उन्होंने मेरा प्ले देखा और मुझे स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया। दिलीप कुमार साहब को भी मेरा काम दिखाया गया। फिल्म के डायरेक्टर सिप्पी साहब थे, तो मैं सेलेक्ट हो गया। फिर कुछ कमर्शियल हालातों की वजह से फिल्म अमिताभ बच्चन के पास चली गई। मुझे फिल्म से हटा दिया गया, जबकि मैं साइन कर चुका था फिल्म। अमिताभ बच्चन ज्यादा पैसा कमा कर देंगे, बात तो सही है। उस वक्त वो स्टार थे, मैं उस वक्त नया नया आया था। मैंने कभी ये बात अपने मुंह से कही नहीं।’

ऐसा ही एक बार और राज बब्बर के साथ हुआ, जब फिल्म नमक हलाल बन रही थी तब भी उन्हें एक रोल फिल्म में ऑफर हुआ था। अमिताभ बच्चन के अलावा शशि कपूर वाला किरदार राज बब्बर को मिला था। इस पर राज बब्बर ने कहा था- ‘मेरे साथ ऐसे हादसे होते रहे हैं। मुझे जो मिलता था कोई और छीन कर ले जाता था। खैर छीनकर नहीं कहूंगा, मुझे प्रकाश मेहरा साहब ने दो फिल्मों के लिए साइन किया था। वो मुझे दिल्ली से लेकर गए थे, तो मैंने कहा था कि मेरे पास रहने के लिए वहां कोई जगह नहीं है। तो कुछ इंतजाम कीजिए।’

उन्होंने आगे कहा- ‘तो उन्होंने मुझे रहने के लिए एक जगह दी। फिर उन्होंने कहा कि यार मजबूरी है ये रोल नहीं दे सकता तुम्हें, तो मैंने भी कहा कि मैं ये जगह साल भर से पहले तो छोड़ूंगा नहीं। तो उन्होंने कहा कब छोड़ोगे, तो मैंने कहा 31 दिसंबर 1979 को छोड़ूंगा। रोल न सही साल भर के लिए उन्होंने मुझे घर दिया। वो कमरा ही था जिसकी वजह से मैं बंबई में अपना घर बना सका।’