जब रेखा सनक की हद तक करने लगीं डाइटिंग, दो-दो महीने तक सिर्फ दूध पीकर रहीं; दिल को चुभ गई थी एक बात

एक तरफ परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था तो दूसरी तरफ रेखा छोटे-मोटे रोल के लिए संघर्ष कर रही थीं। ऐसी स्थिति में उनकी मां ने तय किया कि वह रेखा को मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लक…

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यह 70 के दशक के आखिरी साल थे। 14 साल की रेखा अपनी मां पुष्पावल्ली के साथ तमिल सिनेमा के तमाम डायरेक्टर-प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काट रही थीं। एक अदद रोल के लिए वो घंटों कड़ी धूप में ऑडिशन के लिए बैठी रहतीं, लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हो रहा था। कुछ लोग साफ-साफ कह देते तो कुछ इशारों में रेखा की मां को यह बता देते कि जैसी उनकी शक्ल-सूरत और कद काठी है, उसके लिहाज़ से वो सिनेमा के पर्दे पर फिट नहीं बैठती हैं।

एक तरफ परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था तो दूसरी तरफ रेखा छोटे-मोटे रोल के लिए संघर्ष कर रही थीं। ऐसी स्थिति में उनकी मां ने तय किया कि वह रेखा को मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लक आजमाने के लिए भेजेंगी। खुद पुष्पावल्ली ने भी कभी हिंदी सिनेमा में अपनी किस्मत आजमाने की सोची थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थीं। उन्हें लग रहा था कि उनका अधूरा सपना उनकी बेटी रेखा पूरा करेंगी।

शक्ल-सूरत और वजन का बनाया जाता था मजाक: रेखा जब मुंबई पहुंचीं तो उनके साथ साथ उनका अतीत भी यहां पहुंच गया। उनको लेकर तमाम तरह की बातें कही जाने लगीं। मायानगरी में उनकी मां पुष्पावल्ली और पिता जेमिनी गणेशन के संबंधों को लेकर मजाक बनाया जाने लगा। हालांकि रेखा ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपने काम में जुटी रहीं। लेकिन एक बात थी जो उन्हें परेशान कर रही थी। वो थी इंडस्ट्री में उनकी शक्लो-सूरत और वजन को लेकर होने वाली गॉसिप।

मुंबई में करीब 6 साल बिताने के बाद रेखा ने तय कर लिया कि अब उनका मेकओवर जरूरी है और खुद को बदल कर ही दम लेंगी। 1976 के आसपास जब रेखा ने अपनी जिंदगी के दूसरे दशक में कदम रखा तब वह अपनी शक्ल सूरत और वजन को लेकर बेहद गंभीर हो गईं। फिल्मी गलियारों में इस बदलाव के पीछे अमिताभ बच्चन से उनकी मुलाकात को वजह करार दिया जाने लगा।

साल भर तक की डाइटिंग: रेखा की बायोग्राफी ‘रेखा: कैसी पहेली जिंदगानी’ में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक यासिर उस्मान लिखते हैं कि ‘रेखा का कायापलट किसी फिल्मी कहानी के प्लाट से कम दिलचस्प नहीं था। हकीकत में इसे असल जिंदगी का सबसे सनसनीखेज कायापलट कहा जा सकता है। शुरुआत में रेखा ने सनक की हद तक डाइटिंग की। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कई बार दो-दो महीने तक सिर्फ दूध पिया और इसी तरह की डाइटिंग करती रहीं’।

बदले रूप से हो गए थे सब हैरान: यह सिलसिला पूरे साल भर चलता रहा। एक साल बीतते बीतते रेखा का नया अवतार हुआ। उनके शरीर पर एक इंच भी अतिरिक्त फैट नहीं था। वो बेहद स्ट्रिक्ट लाइफस्टाइल फॉलो कर रही थीं। 70 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में योग और एरोबिक्स का ट्रेंड लेकर आईं रेखा के इस बदले हुए रूप ने सबको हैरान कर दिया था। यही वो दौर था जब रेखा इंडस्ट्री की स्टाइल आइकॉन बन कर उभरीं।