जया भादुड़ी की तलाश में जब असरानी के पास पहुंचे ऋषिकेश मुखर्जी, एक्टर ही मांगने लगे थे काम; दिलचस्प है किस्सा

एक बार जब ऋषिकेश मुखर्जी जया भादुड़ी की तलाश में असरानी के पास आए तो असरानी ने खुद ही काम मांगना शुरू कर दिया था।निर्देशक ‘गुड्डी’ के लिए जया के पास आए थे।

jaya bhaduri, asrani, hrishikesh mukherjee जया भादुड़ी की तलाश में ऋषिकेश मुख़र्जी असरानी के पास आए थे (Photo-File/Indian Express Archive)

अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र अभिनीत फ़िल्म ‘शोले’ में जेलर का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए चरित्र अभिनेता असरानी (गोवर्धन असरानी) को शुरू के दिनों में काफी संघर्ष करना पड़ा। वो हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी के पीछे सालों तक इसलिए लगे रहे कि उन्हें कोई काम मिल जाए लेकिन उन्हें कोई काम नहीं मिलता था। एक बार जब ऋषिकेश मुखर्जी जया भादुड़ी की तलाश में असरानी के पास आए तो असरानी ने खुद ही काम मांगना शुरू कर दिया था।

इस दिलचस्प किस्से का ज़िक्र उन्होंने ज़ी टीवी के एक शो में कोमल नाहटा को दिए इंटरव्यू में किया था। दरअसल असरानी ने जिस फ़िल्म इंस्टीट्यूट में एक्टिंग सीखा उसी इंस्टीट्यूट में जीविका के लिए वो इंस्ट्रक्टर का काम करते थे। ऋषिकेश मुखर्जी उस फ़िल्म इंस्टीट्यूट में बतौर लेक्चरर आते थे।

असरानी ने बताया था, ‘ऋषिकेश मुखर्जी आते थे तो मैंने कहा इनके पीछे पड़ना चाहिए। मैं उनसे बॉम्बे में भी मिलता था। डेढ़ दो साल हो गए और वो कहते थे कि फ़िल्मों में मुझे काम देंगे। मैंने कहा ढाई साल हो गए, कुछ करता तो है नहीं ये आदमी। एक दिन मैंने देखा कि जीप में ऋषिकेश मुखर्जी आ रहे हैं, गुजलार साहब और कई लोगों के साथ। मुझे बुलाया उन्होंने तो मैंने सोचा आज तो मेरी किस्मत खुल गई। भागता हुआ आया।’

उन्होंने आगे बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें सबसे मिलाया तो उन्हें लगा रोल उन्हें ऑफर किया जाएगा। लेकिन तभी ऋषिकेश मुखर्जी ने उनका भ्रम तोड़ दिया था। असरानी के बताया था, ‘उन्होंने कहा कि नहीं, नहीं, मैं तुम्हें तो रोल दूंगा ही, पहले ये बताओ यहां कोई जया भादुड़ी नाम की लड़की है? मैंने कहा, अरे ये तो उसके लिए आए हैं।’

असरानी ने उन्हें जया भादुड़ी से मिलाया। ऋषिकेश मुखर्जी जया से मिले और असरानी से बिना बात किए जाने लगे। असरानी ने तब गुलजार से पूछा तो उन्हें पता चला कि ऋषिकेश मुखर्जी एक फ़िल्म बना रहे हैं, ‘गुड्डी’ और उसी के लिए आए थे। गुलजार ने उन्हें बताया कि फ़िल्म में एक गांव के लड़के का छोटा रोल है जिसके बाद वो फिर ऋषिकेश मुखर्जी के पास गए और रोल मांगने लगे।

ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें उस वक्त तो टाल दिया लेकिन बाद में जब जया भादुड़ी को फ़िल्म के लिए चुना तब असरानी को भी वो रोल मिल गया। फिल्म सुपरहिट रही और जया भादुड़ी का फिल्मी सफर भी शूरू हो गया। असरानी को भी पहचान मिली। असरानी के करियर की कुछ लोकप्रिय फिल्में हैं- बावर्ची, चुपके चुपके, छोटी सी बात, नमक हराम, स्वर्ग से सुंदर, मिली, अंखियों से गोली मारे आदि।