जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी देंगे, लाठीचार्ज करना है तो करो- किसानों पर लाठीचार्ज के बाद खट्टर सरकार पर भड़के राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि जरूरत पड़ी तो वो खुद गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की आलोचना करते हुए कहा कि किसान उनसे मारपीट….

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हरियाणा के हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान आंदोलन के अग्रणी नेता राकेश टिकैत मनोहर लाल खट्टर सरकार पर बुरी तरह भड़के नजर आए हैं। राकेश टिकैत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि जरूरत पड़ी तो वो खुद गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा है कि आंदोलनकारी का रास्ता गोली और लाठी नहीं रोक सकती। 5 महीनों से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर उनका कहना है कि किसान डरने वाले नहीं हैं।

राकेश टिकैत ने लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें यहां रुकना होगा तो रुकेंगे, गिरफ्तारी देनी होगी तो वो भी देंगे। करेंगे लाठीचार्ज तो करें वो। इस शासन के इलाज के लिए हम बैठे हैं। बगैर इलाज के सरकार मानेगी नहीं। इलाज तो इनका कई जगह किया।’

राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों में योगी सरकार ने ‘ठगी’ की बावजूद इसके उनके 400 कैंडिडेट जीते। उन्होंने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज की यह कोई पहली घटना नहीं है, उससे पहले भी कई बार सरकार ने किसानों पर लाठीचार्ज किया है।

वो आगे बोले, ‘6 महीने हो गए आंदोलन को। इनको शर्म नहीं आती कि दिल्ली में आंदोलन चल रहा है, पूरे देश में किसान आंदोलन हो रहा है। किसान किसी न किसी का विरोध तो करेगा न, आप उस पर लाठीचार्ज करोगे तो।’ उन्होंने कहा कि किसान अपना विरोध जता रहे थे मुख्यमंत्री के साथ कोई मारपीट तो नहीं कर रहे थे।

किसानों पर लाठीचार्ज की घटना तब हुई जब रविवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर हिसार और पानीपत में दो अस्थाई कोविड अस्पतालों का उद्घाटन करने जा रहे थे। किसानों ने उनके इस दौरे का विरोध किया जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस में लाठीचार्ज कर दी। किसानों पर आंसू गैस के गोले भी बरसाए गए।

इस घटना पर किसानों की तरफ से कहा गया कि मुख्यमंत्री के चले जाने के बाद किसान प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने अचानक किसानों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी और आंसू गैस के गोले भी बरसाए। किसानों ने भी विरोध में पुलिस पर पत्थरबाजी की।