जलियांवाला बाग रेनोवेशन पर कांग्रेस के अंदर ही मतभेद, कैप्टन ने खारिज की राहुल गांधी की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त को जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्मित परिसर को डिजिटल रूप से राष्ट्र को समर्पित किया था।

congress, Punjab जलियांवाला बाग रेनोवेशन को लेकर कांग्रेस के अंदर ही मतभेद दिख रहा है। (एक्सप्रेस फोटो)।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्माण को “शहीदों का अपमान” करार देने के कुछ घंटों बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को मेकओवर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उन्हें “बहुत अच्छा” लग रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि स्मारक के नवीनीकरण के दौरान परिसर से क्या हटाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त को जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्मित परिसर को डिजिटल रूप से राष्ट्र को समर्पित किया था। पंजाब के मुख्यमंत्री सिंह भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समारोह में शामिल हुए थे। सीएम ने कहा, “मैं आपको केवल इतना बता सकता हूं कि मुझे नहीं पता कि क्या हटा दिया गया है लेकिन उस रात मैंने जो देखा वह उस रात भी बोला था। मेरे लिए यह बहुत अच्छा लग रहा था।”

वह जलियांवाला बाग स्मारक के जीर्णोद्धार पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग के जीर्णोद्धार पर ट्वीट किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें गांधी के ट्वीट के बारे में पता नहीं है।

इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग स्मारक के जीर्णोद्धार को ‘शहीदों का अपमान’ करार देते हुए कहा था कि केवल वही व्यक्ति जो शहादत का अर्थ नहीं जानता वह इस तरह का अपमान कर सकता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी।’’ राहुल गांधी ने उस खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें कहा गया है कि इस स्मारक स्थल की भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने गुस्से का इजहार किया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया है। इस बाग का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ‘‘ज्वाला स्मारक’’ की मरम्मत करने के साथ-साथ, परिसर का पुनर्निर्माण किया गया है, वहां स्थित तालाब को एक ‘‘लिली तालाब’’ के रूप में फिर से विकसित किया गया है तथा लोगों को आने-जाने में सुविधा के लिए यहां स्थित मार्गों को चौड़ा किया गया है।

इस परिसर में अनेक नई और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिनमें लोगों की आवाजाही के लिए उपयुक्त संकेतकों से युक्त नव विकसित मार्ग, महत्वपूर्ण स्थानों को रोशन करना, और अधिक वृक्षारोपण के साथ बेहतर भूदृश्य, चट्टान युक्त निर्माण कार्य तथा पूरे बगीचे में ऑडियो नोड्स लगाना शामिल हैं। इसके अलावा मोक्ष स्थल, अमर ज्योति और ध्वज मस्तूल को समाहित करने के लिए भी कार्य किया गया है।