‘ज़ंजीर’ के डायरेक्टर ने सलमान खान के पिता से किया वायदा नहीं किया था पूरा, गुस्से में पोस्टर का करवा दिया था ये हाल

अमिताभ बच्चन स्टारर सुपरहिट फिल्म ज़जीर की स्क्रिप्ट सलीम-जावेद ने लिखी थी। डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने उनसे वायदा किया था कि हर पोस्टर में उनका नाम भी होगा।

Salman Khan Salim Khan सलीम खान के साथ सलमान खान (Photo- Indian Express)

साल 1973 में फिल्म ‘ज़ंजीर’ रिलीज हुई थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन लीड रोल में थे। ये फिल्म अमिताभ के करियर में मील का पत्थर साबित हुई थी। ज़ंजीर को प्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट किया था और इसे सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखा था। इससे पहले भी दोनों कई हिट फिल्में लिख चुके थे, लेकिन उन्हें इसके लिए क्रेडिट नहीं मिला था। इसलिए वह चाहते थे कि अब जब भी उनकी लिखी हुई फिल्म रिलीज की जाए तो उन्हें क्रेडिट जरूर दिया जाए।

उन्होंने प्रकाश मेहरा के सामने शर्त रखी कि फिल्म के पोस्टर पर उन दोनों का नाम जरूर होना चाहिए। हालांकि प्रकाश मेहरा अन्य कामों में बिजी हो गए और अपना किया वायदा बाद में भूल गए। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की रिलीज से पहले पूरे मुंबई शहर में पोस्टर लग गए और दोनों का नाम भी उसमें नहीं था। पोस्टर देखने के बाद दोनों भड़क उठे और प्रकाश मेहरा के पास पहुंचे। प्रकाश मेहरा ने उन्हें वायदा किया कि अगली बार इस फिल्म के पोस्ट जरूर लगाए जाएंगे, लेकिन इस बार वह भूल गए हैं।

पेंटर से लिखवा दिया था अपना नाम: सलीम और जावेद ने गुस्से में एक पेंटर को पकड़ा और उसे हर पोस्टर के नीचे सलीम-जावेद का नाम लिखने के लिए कहा गया। पेंटर को समझ नहीं आया और उसने स्टार्स के चेहरे पर ही सलीम-जावेद का नाम लिख दिया। इससे पोस्टर्स का हूलिया पूरी तरह बिगड़ गया क्योंकि पेंटर ने तो कई जगह अमिताभ के चेहरे पर ही सलीम-जावेद का नाम लिख दिया था। फिल्म सुपरहिट हो गई और इसकी खबर प्रकाश मेहरा तक पहुंच गई।

प्रकाश मेहरा ने एक बार फिर पोस्टर छपवाए और इसमें सलीम-जावेद को पूरा क्रेडिट दिया गया। जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में बताया था, फिल्म को तो कोई खरीदने तक को भी राज़ी नहीं था। कई एक्टर्स को फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई गई थी, लेकिन वह इसमें काम नहीं करना चाहते थे। फिर ये फिल्म अमिताभ बच्चन को दी गई और ये उनके करियर की सबसे हिट फिल्मों में से एक बन गई। हमने तो फिल्म में कोई गाना तक नहीं लिखा था और ये उस समय के हिसाब से बिल्कुल अलग फिल्म थी।