जाटों को समझाने में लगी BJP, पर झेलना पड़ रहा विरोध, टिकैत के गांव में भी अड़े किसान- भाजपाइयों को घुसने न देंगे, कानून वापसी पर ही करें बात

बीजेपी की तरफ से जिला पंचायत के चुनाव से पहले जाट मतदाताओं को अपनी तरफ से लाने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले चुनाव में 26 में से 25 सीटों पर बीजपी को जीत मिली थी।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत द्वारा बीजेपी नेताओं के बहिष्कार करने के ऐलान के दूसरे ही दिन बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, विधायक उमेश मलिक और कई अन्य नेताओं ने शामली के लिसाढ़ गांव का दौरा कर जाट मतदाताओं को साधने का प्रयास किया।हालांकि कृषि कानूनों से नाराज लोगों ने मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान और बुलढाना के विधायक उमेश मलिक का जमकर विरोध किया। गांव के लोगों ने किसान एकता जिंदाबाद और बालियान मुर्दाबाद के नारे लगाएं।

रविवार को जिस लिसाढ़ गांव बीजेपी के नेता पहुंचे थे वो खाप पंचायत नेता बाबा हरिकिशन का गांव है। जिनका उस क्षेत्र में मजबूत पकड़ा माना जाता रहा है। बातचीत में हरिकृष्ण ने कहा कि समुदाय से अलग जा कर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमने बालियान और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री भूपेंद्र चौधरी को बता दिया है कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने उन्हे पिछले सीजन में गन्ना किसानों के बकाये भुगतान अब तक नहीं होने की बात भी बता दी है।

हालांकि बीजेपी नेता संजीव बालियान ने गांव में बहिष्कार होने की बात से इनकार करते हुए कहा है कि हमने लोगों को आश्वासन दिया है कि हम उनकी शिकायतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि बीजेपी इस क्षेत्र में अपने जाट मतदाताओं को जिला पंचायत चुनाव से पहले साथ लाना चाहती है। पिछले चुनाव में इस क्षेत्र में 26 में से 25 सीटों पर बीजपी को जीत मिली थी।

बताते चले कि हाल के दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक कई किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। जिसमें भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया है। राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने भी लगभग 1 दर्जन से अधिक महापंचायतों में हिस्सा लिया है। प्रियंका गांधी ने भी किसान महापंचायत को संबोधित किया था। आने वाले 28 फरवरी को मेरठ में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी एक महापंचायत को संबोधित करने वाले हैं।

15 फरवरी को बीजेपी नेता अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के जाट नेताओं के साथ एक बैठक की थी। जिसके बाद जयंत चौधरी ने कहा था कि बीजेपी की तरफ से किसानों को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है।

मुजफ्फरनगर में काल खंड खाप के बाबा संजय सिंह ने कहा कि वो बीजेपी नेताओं द्वारा किसानों को आतंकवादी और देशद्रोही कहे जाने से निराश हैं। उन्होंने कहा कि ‘अगर कोई भाजपा नेता मुझसे बात करना चाहता है, तो उन्हें पहले इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें हमारे साथ हमारे जैसे ही रहना होगा।’ राकेश टिकैत के गांव सिसौली और आस-पास के क्षेत्रों में, भाजपा के बहिष्कार के उनके आह्वान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आसपास के 84 गांवों पर टिकैत का मजबूत पकड़ माना जाता रहा है।

सिसौली गांव के रहने वाले अजित चौधरी ने कहा कि हम बीजेपी नेताओं को गांव में नहीं आने देंगे। जब तक वो कानून को वापस नहीं ले लेते हैं। अगर उन्हें हमसे कुछ कहना है तो उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा से बात करनी चाहिए। चौधरी खाप के ही सचिन चौधरी ने कहा कि मोर्चा की तरफ से हमें जो भी कहा जाएगा हम वही करेंगे।

संजीव बालियान के गांव के रहने वाले कुंवर पाल सिंह दीवान का कहना है कि जाटों ने हमेशा से बीजेपी को साथ दिया है। लेकिन इस बार हालात बदल गए हैं। हम बालियान को पूरी तरह से रोक नही सकते हैं क्योंकि ये उनका भी गांव है। लेकिन सच्चाई यह है कि लोग बीजेपी से खुश नहीं हैं। टिकैत परिवार का हम काफी सम्मान करते हैं।वहीं संभल के भद्रौला में, स्थानीय लोगों ने एक साइनबोर्ड लगाया है जिसमें लिखा गया है कि बीजेपी के लोगों का स्वागत नहीं किया जाएगा।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बीजेपी नेता संजीव बालियान ने कहा कि टिकैत ने भी पहले ही साफ कर दिया है कि बहिष्कार वाली कोई बात नहीं है। मैंने उस क्षेत्र में घंटों बिताया लेकिन हमारा कोई विरोध नहीं किया गया। हमें स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि टिकैत का हम सम्मान करते हैं। वो हमारे समाज के भी नेता हैं। लेकिन एक जन प्रतिनिधि के रूप में हमारा काम बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगा।

बीजेपी विधायक उमेश मलिक ने कहा कि लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि लोगों का समर्थन बढ़ गया है। सिसौली मेरी विधानसभा सीट का हिस्सा है और मैं स्थानीय लोगों से नियमित रूप से मिलता हूं। जब टिकैत से इस मुद्दे पर बात की गयी तो उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत अर्थों में लिया गया। उन्होंने कहा कि मैंने केवल यह कहा था कि लोगों को माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों से बचकर रहना चाहिए।