जापान: स्कूल ने बनाया बाल काले करने का दबाव, अदालत में छात्रा की हुई जीत


टोक्यो. स्कूल में छात्र-छात्राओं को नियमों में रहकर काम करना होता है, ऐसा नहीं करने पर स्कूल सजा या चेतावनी देता है. जबकि, जापान (Japan) में एक मामला सामने आया है, जिसमें स्कूल को छात्रा के सामने झुकना पड़ा और सरकार को हर्जाना भी देना पड़ा. यह मामला जापान के ओसाका स्थित हाईस्कूल का है, जहां एक छात्रा को अपने बालों के रंग (Hair Colour) की वजह से स्कूल में परेशानी का सामना करना पड़ा. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

छात्रा की तरफ से दाखिल किए गए मुकदमें में कहा गया था कि ओसाका स्थित कैफुकान सीनियर हाई स्कूल (Kaifukan Senior High School) में नियमों के मुताबिक, छात्रों को बाल को रंग लगाने, ब्लीच करने की मनाही है. असाही शिंबून की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के बालों का प्राकृतिक रंग भूरा है, लेकिन स्कूल लगातार उसपर बालों को डाई कर काला करने का दबाव बना रहा था. छात्रा ने साल 2015 में कैफुकान हाई स्कूल में दाखिला लिया था.

हालात यह हो गए थे कि छात्रा को क्लास में शामिल होने और स्कूल ट्रिप से बैन कर दिया जाता था. इसी के चलते छात्रा परेशान हो गई और उसने स्कूल जाना बंद कर दिया. इसके बाद छात्रा ने साल 2017 में स्थानीय सरकार के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया था. इस मुकदमें में 2.2 मिलियन येन का हर्जाना मांगा था. इस मामले में कोर्ट ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाया है और 3 लाख 30 हजार येन का हर्जाना देने के आदेश दिए हैं. हालांकि, कोर्ट ने स्कूल के नियमों को गैर-कानूनी नहीं माना. अदालत ने छात्रा के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की है.

स्कूल की तरफ से की गई कार्रवाई का छात्रा ने विरोध किया, लेकिन स्कूल ने उसे 5 महीनों तक सजा देना जारी रखा. अदालत की तरफ से दिए गए फैसले में कहा गया है ‘ऐसे कृत्यों से छात्रा डिप्रेस हुई है और उसके अंदर अविश्वास की भावना बढ़ी है.’ खास बात है कि इस ट्रायल के दौरान सबसे बड़ा बहस का मुद्दा यह रहा कि स्कूल के नियमों का कोई कानूनी आधार है या नहीं.