जिसको जहां जाना है जाए, फायदा ले ले- कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीजेपी के सवाल पर राकेश टिकैत ने यूं दिया ज़वाब

भारतीय किसान यूनियन (BKU) प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘अपनी खुशी से जिसे जहां फायदा हो वो वहां जाए। हमारी मांग तो सिर्फ कानून वापस करने की है।’

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। सियासी गलियारों में चर्चा थी कि वह बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। आज अमरिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि वह अभी बीजेपी जॉइन नहीं कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने साथ कर दिया कि वह अब कांग्रेस में भी नहीं रह सकते हैं। क्योंकि वह अब इस तरह का अपमान और नहीं सह पाएंगे। इसको लेकर किसान नेता राकेश टिकैत से सवाल किया गया।

राकेश टिकैत से जब पंजाब की सियासत पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिसको जहां जाना है जाए, फायदा ले ले। चैनल ‘टीवी9’ से बातचीत में टिकैत से सवाल किया गया, ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीजेपी में जाने की अटकलें बहुत तेज हैं। माना जा रहा है कि वो बीजेपी पर दबाव डालकर कृषि कानून रद्द करवा देंगे और बीजेपी का पंजाब में चेहरा बन जाएंगे। तो आपको लगता है कि ये बेहतर स्थिति होगी आप लोगों के लिए?’

इसके जवाब में राकेश टिकैत कहते हैं, ‘हमारे लिए ये कोई स्थिति क्या बेहतर होगी? अब जिसको जहां जाना है वो चला जाए। हम कोई एजेंडा तय करने वाले लोग थोड़े हैं कि किसे कौन-सी पार्टी में जाना चाहिए। अपनी खुशी से जिसे जहां फायदा हो वो वहां जाए। हमारी मांग तो सिर्फ कानून वापस करने की है। अब जिसे फायदा लेना है लेता रहे। हमारी मांगों को मान ले सरकार बस। अब क्या पता? मैं कैसे बता दूं कि अमरिंदर सिंह हीरो बनेंगे या नहीं? हमसे उन्होंने कोई सलाह नहीं ली। अगर ऐसी कोई चर्चा होगी तो बताएंगे जरूर।’

सरकार पर दबाव डालने में कामयाब हुए? भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कहते हैं, ‘भारत बंद को सरकार दबाव के रूप में मान रही है या नहीं? हम बिल्कुल सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। नरेंद्र सिंह तोमर तो सिर्फ बातों को रटकर आते हैं।’

टिकैत आगे कहते हैं, ‘मंत्री जी सिर्फ चार शब्द ही कहते हैं, लेकिन उन्होंने कभी इससे आगे या पीछे बात नहीं की। 22 जनवरी के बाद से भारत सरकार ने सिर्फ ये कहा- हम कानून वापस नहीं लेंगे। हमने तो लंगर और भंडारे चलाने के लिए सब चीजें इकट्ठा की हुई है।’