जीडीपी के बाद सरकार को एक और राहत, जीएसटी से होने वाली कमाई में इजाफा

अगस्‍त के महीने में जीएसटी कलेक्‍शन अगस्त में 1.12 लाख करोड़ रहा है। यह लगातार दूसरा महीने जब जीएसटी कलेक्‍शन एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा है। जबकि जून में कोरोना की दूसरी वेव में कलेक्‍शन एक लाख करोड़ रुपए से नीचे रहा था।

GST Collection अगस्‍त के महीने में सरकार को जीएसटी कलेक्‍शन के रूप में 1.20 करोड़ रुपए प्राप्‍त हुए हैं। (Photo Indian Express Archive)

आर्थिक गतिविधियों में आती तेजी का मजबूत संकेत देते हुये माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह अगस्त में 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को अगस्त माह के दौरान जीएसटी संग्रह के आंकड़े जारी किये। एक साल पहले अगस्त माह के मुकाबले इसमें 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह लगातार दूसरे महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अगस्त 2021 में सकल जीएसटी राजस्व 1,12,020 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें केंद्रीय जीएसटी के 20,522 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी के 26,605 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी के 56,247 करोड़ रुपये (माल के आयात पर वसूले गये 26,884 करोड़ रुपये सहित) और उपकर के 8,646 करोड़ रुपये (माल के आयात पर प्राप्त 646 करोड़ रुपये सहित) हैं। हालांकि, अगस्त में जुटाई गई राशि, जुलाई 2021 के 1.16 लाख करोड़ रुपये से कम रही है।

अगस्त 2021 में जीएसटी राजस्व, पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल अगस्त में जीएसटी संग्रह 86,449 करोड़ रुपये रहा था। वहीं अगस्त 2019 में जीएसटी संग्रह 98,202 करोड़ रुपये था। लगातार नौ महीनों तक जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहने के बाद जून 2021 में कोविड की दूसरी लहर के कारण एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया था।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि आने वाले महीनों में भी मजबूत जीएसटी राजस्व जारी रहने की संभावना है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने अगस्त में संग्रह में क्रमिक गिरावट और विनिर्माण पीएमआई की रफ्तार थमने को लेकर आगाह किया। अगस्त में पीएमआई सूचकांक 52.3 फीसदी रहा, जो जुलाई में 55.3 फीसदी था।

उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी संग्रह में क्रमिक गिरावट, मुख्य क्षेत्र की उम्मीद से कम वृद्धि और अगस्त में विनिर्माण पीएमआई में सुस्ती से पता चलता है कि चालू तिमाही में देखे गए सुधार के बारे में सावधान रहने की जरूरत है।’’ गौरतलब है कि भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में रिकॉर्ड 20.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

सिंघानिया जीएसटी कंसल्टेंसी एंड कंपनी के पार्टनर आदित्य सिंघानिया ने कहा कि अगस्त 2021 में संग्रह का ज्यादातर हिस्सा जुलाई की आपूर्ति से संबंधित है और ऐसा लगता है कि इसने जुलाई 2021 के संग्रह की तुलना में राजस्व स्थिरता को बनाए रखा है। इससे साफ पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में स्थिर गति के साथ सुधार हो रहा है।

ईवाई के कर पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि यह संग्रह जुलाई में की गई आपूर्ति के लिए है, जब देश के अधिकांश हिस्सों में लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण की बढ़ती दर और व्यावसायिक आपूर्ति में तेजी के साथ ही आने वाले महीनों में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।’’