जी-7 देशों ने रूस को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की खाई कसम, यूक्रेन का निभाएंगे साथ

एल्माउ (जर्मनी). विश्व के सबसे धनी लोकतंत्रों के नेताओं ने रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने का मंगलवार को संकल्प लिया। नेताओं ने ‘जब तक आवश्यक हो’, तब तक यूक्रेन का समर्थन करने के लिए एकजुट रुख अपनाया और कहा कि वे युद्ध को वित्तपोषित करने वाले तेल की बिक्री से रूस की आय को सीमित करने के लिए दूरगामी कदमों की संभावना का पता लगाएंगे. जर्मनी में जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन के बाद जारी बयान में इस बात का विवरण नहीं है कि जीवाश्म ईंधन की कीमत पर लगी सीमा व्यावहारिक रूप से कैसे लागू होगी.

समूह के सदस्य देश एक निश्चित स्तर से ऊपर रूसी तेल के आयात को रोकने के उपायों की तलाश करने के लिए आने वाले हफ्तों में और अधिक चर्चा करेंगे. इससे रूसी आय का एक प्रमुख स्रोत प्रभावित होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही ऊर्जा की कीमतों से राहत दिलाएगा. नेताओं ने रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उन देशों को मदद देने पर सहमति जताई जो काला सागर के रास्ते यूक्रेनी अनाज का परिवहन रुकने से प्रभावित हैं.

रूस ने देश में बाइडन की पत्नी, बेटी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया
इस बीच, रूस ने मंगलवार को घोषणा की कि वह देश के खिलाफ बढ़ते प्रतिबंधों के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी और बेटी के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाइडन की पत्नी जिल और बेटी एशले सहित देश की ‘स्टॉप लिस्ट’ में 25 नाम जोड़े गए हैं.

रूस ने चार सीनेटर के अपने यहां प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्हें उसने रूस के खिलाफ काम करने वालों के रूप में चिह्नित किया. इनमें रिपब्लिकन मिच मैककोनेल, सुसान कॉलिन्स, बेन सासे और डेमोक्रेट कर्स्टन गिलिब्रैंड के नाम हैं. प्रतिबंध सूची में ‘द एंड ऑफ हिस्ट्री एंड द लास्ट मैन’ के लेखक फ्रांसिस फुकुयामा का भी नाम है.

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FIRST PUBLISHED : June 28, 2022, 23:24 IST