टाटा ग्रुप ने ई-कॉमर्स कारोबार में किया 5100 करोड़ रुपए से ज्‍यादा निवेश, जानिए क्‍या है पूरी प्‍लानिंग

टाटा ग्रुप अपने ई-कॉमर्स कारोबार को एक नए मुकाम पर ले जाने के मूड में दिखाई दे रहा है। जिसके लिए ग्रुप ने 5100 करोड़ रुपए का निवेश एक ही वित्‍तीय वर्ष में कर दिया है। आने वाले दिनों में इसमें और भी पैसा लगाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

Tata Digital टाटा ग्रुुप ने अपने डिजिटल कारोबार को एक्‍सपैंड करने के लिए FY22 में 5100 रुपए का निवेश किया है। (Photo By Indian Express Archive)

टाटा ग्रुप ने अपने ई-कॉमर्स कारोबार पर पूरी तरह से फोकस करना शुरू कर दिया है। हाल ही में शेयर बाजार को अपनी फाइलिंग में बताया कि टाटा ने इस वित्त वर्ष में अब तक अपने दो ऑनलाइन कारोबारों में 5,100 करोड़ रुपए से ज्‍यादा का निवेश किया है। आपको बता दें क‍ि टाटा ग्रुप का सुपर ऐप लांच होने वाला था, जिसे थोड़ा टाल दिया गया है। ग्रुप का कहना है कि सरकार की ई-कॉमर्स पर गाइडलाइन थोड़ी और स्‍पष्‍ट होने के बाद इसे लांच कि‍या जाएगा।

कहां से जुटाया फंड
टाटा डिजिटल को एक बड़ा हिस्‍सा मिला है जोकि 5,025 करोड़ रुपए का है। जबकि बकि टाटा यूनिस्टोर, जो टाटा क्लिक ईकॉमर्स मार्केटप्लेस का मालिक है, ने 1,000 करोड़ रुपए जुटाने की अपनी योजना के तहत दो चरणों में 102 करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं। टाटा डिजिटल ने टाटा संस से धन जुटाया है। वहीं दूसरी ओर टाटा यूनिस्टोर अपने ज्‍वाइंट वेंचर्स टाटा इंडस्ट्रीज और ट्रेंट लिमिटेड से असुरक्षित, अन लिस्टेड, ऑप्‍शनली कंवर्टेबल डिबेंचर के माध्यम से पूंजी जुटा रहा है। वित्त वर्ष 2021 में टाटा डिजिटल ने 400 करोड़ रुपए जुटाए थे, जबकि वित्त वर्ष 2020 में इसने अपनी पेरेंट कंपनी से 100 करोड़ रुपए जुटाए थे। टाटा यूनिस्टोर को वित्त वर्ष 2021 में 30 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2020 में 311 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2019 में 292 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2018 में 224 करोड़ रुपए मिले थे।

अमेजन और रिलायंस से टक्‍कर की तैयारी
जानकारों का कहना है कि इंवेस्‍टमेंट साइज यह संकेत दे रहा है कि टाटा समूह का ईकॉमर्स कारोबार में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने और अमेजन, वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट और रिलायंस इंडस्ट्रीज को कड़ी टक्‍कर देना है। इकोनॉमिक टाइम्‍स को दिए बयान में बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म AltInfo के संस्थापक मोहित यादव ने कहा जब भी ई-कॉमर्स सेक्‍टर की बात आती है तो टाटा अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अभी भी प्राइमरी फेज में है। कंपनी में लगभग 800 मिलियन डॉलर का निवेश इसलिए किया है क्‍योंकि वो ई-कॉमर्स वॉर में किनारे पर चलने के मूड में नहीं है।

अलग से ई-कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म की खबर
हाल ही में खबर आई थी कि टाटा डिजिटल कॉस्मेटिक्स और वेलनेस प्रोडक्‍ट्स के लिए एक नया ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म लांच करने की योजना को अंतिम रूप दे रहा है, जो इसे नायका, पर्पल और माईग्लैम जैसी कई नए जमाने की फर्मों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा में रखेगा। प्लेटफॉर्म टाटा क्लिक और वेस्टसाइड डॉट कॉम से अलग होगा, जो कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, डॉमेस्टिक प्रोडक्‍ट्स और दूसरे ब्‍यूटी प्रोडक्ट्स बेचते हैं।

सुपरएप में देरी
वहीं दूसरी ओर हाल ही में खबर आई थी कि ग्रुप अपने सुपरऐप की लांच‍िंग को रोक दिया है। ग्रुप ने इसे टालने की वजह बताई थी कि यह खबर एक पखवाड़े बाद आई जब हमने बताया कि इस ऐप को तब तक के लिए रोक दिया है जब तक कि सरकार प्रस्तावित ईकॉमर्स नियमों को स्पष्ट नहीं कर देती है। इससे पहले टाटा डिजिटल इस ऐप को सितंबर महीने के अंत में लांच करने की प्‍लानिंग कर रहा था।

इन कंपनि‍यों को खरीदा था
अपने ई-कॉमर्स कारोबार को मजबूत करने के लिए टाटा ने कई कंपन‍ियों को खरीद लिया है। जिनमें से मई में कंपनी ने ऑनलाइन ग्रोसरी सप्‍लायर बिगबास्‍केट को अपने नाम किया था। उसके बाद कंपनी ने ऑनलाइन फॉर्मेसी कंपनी 1एमजी में मेज्‍योरिटी स्‍टेक हासिल किए थे। इसके अलावा कंपनी ने डॉमेस्टिक फ‍िटनेस स्‍टार्टअप कल्‍टफ‍िट में 546 करोड़ रुपए का निवेश किया था।