टाटा डिजिटल को लग सकता है झटका, अटक सकता है इस स्टार्टअप को खरीदने का सौदा

Tata Group: टाटा ग्रुप अपनी सब्सिडियरी टाटा डिजिटल के माध्यम से ई-कॉमर्स सेगमेंट में उतरा है। इस सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए टाटा डिजिटल ने कई कंपनियों को खरीदा है। वहीं कई कंपनियों में निवेश को लेकर भी बातचीत चल रही है। हाइपरलोकल डिलिवरी स्टार्टअप डूंजो डिजिटल में निवेश को लेकर टाटा डिजिटल की बातचीत अटक गई है। डूंजो डिजिटल में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी को लेकर यह बातचीत अटकी है।

Tata Digital, Tata Group टाटा डिजिटल ने इसी साल ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म बिगबास्केट का भी अधिग्रहण किया है।

टाटा ग्रुप अपनी सब्सिडियरी टाटा डिजिटल के माध्यम से ई-कॉमर्स सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इसके लिए टाटा डिजिटल कई स्टार्टअप्स और अन्य कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद रही है। टाटा डिजिटल और हाईपरलोकल डिलिवरी स्टार्टअप डूंजो डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड के बीच भी साझेदारी को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन यह बातचीत विफल हो सकती है।

दरअसल, टाटा डिजिटल और डूंजो के बीच यह बातचीत एक महत्वपूर्ण मोड पर आकर अटक गई है। ईटी की एक रिपोर्ट में इस मामले से वाकिफ सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि डूंजो टाटा डिजिटल को कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं देना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक, टाटा डिजिटल से बातचीत के साथ-साथ डूंजो अन्य वित्तीय इन्वेस्टर्स से फंडिंग जुटाने को लेकर बातचीत कर रहा है। डूंजो 500-600 मिलियन डॉलर की अनुमानित वैल्युएशन पर 100 से 200 मिलियन डॉलर का फंड जुटाने को लेकर बातचीत कर रहा है।

इतना निवेश कर सकता है टाटा डिजिटल: अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा डिजिटल और डूंजो डिजिटल के 150 से 200 मिलियन डॉलर (1093 से 1457 करोड़ रुपए) के निवेश को लेकर बातचीत चल रही है। डूंजो डिजिटल गूगल लाइटबॉक्स और ब्लूम वेंचर्स की फंडिंग वाला स्टार्टअप है। इस साल डूंजो ने सीरिज ई-फंडिंग राउंड में 40 मिलियन डॉलर करीब 290 करोड़ रुपए की राशि जुटाई थी। डूंजो ने अगले दो साल में 1 अरब डॉलर की वैल्यू वाला स्टार्टअप बनने का लक्ष्य तय किया है।

2015 में शुरू हुआ था डूंजो डिजिटल: हाइपरलोकल डिलिवरी स्टार्टअप डूंजो डिजिटल की शुरुआत 2015 में हुई थी। इसकी स्थापना कबीर बिश्वास, अंकुर अग्रवाल, दलवीर सूरी और मुकुंद झा ने मिलकर की थी। कोरोना महामारी के बावजूद पिछले साल डूंजो डिजिटल की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) दोगुनी हो गई थी। अब इस स्टार्टअप की GMV 100 मिलियन डॉलर हो गई है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के मुताबिक, जून 2020 में डूंजो की वैल्यू 220 मिलियन डॉलर थी।

बिगबास्केट का भी अधिग्रहण कर चुका है टाटा डिजिटल: ई-कॉमर्स सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए टाटा डिजिटल ने इसी साल ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म बिगबास्केट का अधिग्रहण किया है। इसके अलावा टाटा ग्रुप की कंपनी ने फिटनेस स्टार्टअप क्योरफिट में 75 मिलियन डॉलर करीब 545 करोड़ रुपए का निवेश किया है।