डिबेट के दौरान हाथरस कांड का उदाहरण देकर कांग्रेस का संबित पात्रा से सवाल- कहां गए वो 100 करोड़ मेरे दोस्त

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जेल में बंद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है।

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न्यूज 18 इंडिया पर डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने एंकर से पूछा कि आपको पता है कि बीजेपी देश के साथ क्या षड्यंत्र करती है? हाथरस में दलित बालिका के साथ निर्ममता पूर्वक हरकत की। पूरी भारतीय जनता पार्टी अपराधियों के साथ खड़ी हो गई और क्या कहा, ”सूत्रों के हवाले से खबर, हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश। 100 करोड़ रुपये खाड़ी देश से आए, 50 करोड़ रुपये मॉरीशस रूट से आए। कहां गए मेरे दोस्त उस समय तो आपने डिबेट में कहा था 100 करोड़ की फंडिंग हुई है और दंगा फैलाया जा रहा। कहां गए वो?”

सिद्दीकी कप्पन को अपनी मां से मिलने की इजाजत: बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जेल में बंद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि वे मीडिया से बात नहीं कर सकते। बता दें कि कप्पन मथुरा की एक जेल में बंद हैं। उन पर हाथरस मामले में धार्मिक हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है।

अदालत ने कहा, “सिद्दीकी कप्पन अपनी माँ के स्वास्थ्य के संबंध में डॉक्टरों से मिलने के हकदार हैं”। “यूपी पुलिस की टीम कप्पन के साथ जाएगी। केरल पुलिस इस मामले में यूपी पुलिस का सहयोग करेगी। यूपी पुलिस की ज़िम्मेदारी होगी कि कप्पन को उसकी माँ के घर ले जाए और वहां से वापिस लाए।”

चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने ये आदेश जारी किया है। वकील कपिल सिब्बल सिद्दीकी कप्पन की ओर से अदालत में पेश हुए और उन्होंने सिद्दीकी कप्पन को मां से मिलने की इजाजत मांगी। कोर्ट ने मानवीय आधार पर इसकी इजाजत दे दी है।

कप्पन ने इससे पहले एक जमानत याचिका दायर की थी, जो अदालत के सामने लंबित है, जिसमें कहा गया है कि कप्पन को एक पत्रकार के रूप में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है और वे एक समाचार पोर्टल के साथ काम कर रहे हैं।

वे हाथरस में दलित लड़की से गैंगरेप और उसकी मौत के बारे में रिपोर्ट करने के लिए गए थे। जब उन्हें 5 अक्टूबर, 2020 को मथुरा में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। यूपी पुलिस का आरोप है कि कप्पन SIMI और PFI से जुड़े रहे हैं।