तमिलनाडुः दो दशकों बाद असेंबली में बीजेपी की एंट्री, सूबे में जीते बीजेपी के 4 विधायक

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीती हैं। जिससे वह 20 वर्षों में पहली बार राज्य की विधानसभा में प्रवेश करने के योग्य हो गई है।

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीती हैं। जिससे वह 20 वर्षों में पहली बार राज्य की विधानसभा में प्रवेश करने के योग्य हो गई है। भगवा पार्टी ने पहली बार 1996 में तमिलनाडु विधानसभा में प्रवेश किया था, जब सी वेलियुधम कन्याकुमारी की पद्मनाभपुरम सीट जीतने में कामयाब रहे थे। 2001 में, बीजेपी ने DMK के साथ गठबंधन किया और 21 सीटों से चुनाव लड़ा। पार्टी फिर चार सीटों से जीतने में कामयाब रही थी और दूसरी बार विधानसभा में प्रवेश किया था। हालांकि, 2001 के चुनावों के बाद, बीजेपी ने 2006, 2011 और 2016 में एक भी सीट हासिल नहीं की।

जबकि बीजेपी के कुछ बड़े नेता इस बार हार गए। भगवा पार्टी ने नागरकोइल, कोयम्बटूर (दक्षिण), मोदकुरिची और तिरुनेलवेली में जीत दर्ज की। दिग्गज नेता एमआर गांधी, भाजपा की राष्ट्रीय महिला विंग की अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन, पूर्व मंत्री नायनार नागेंद्रन और सीके सरस्वती ने जीत हासिल की। नागरकोइल में, एमआर गांधी को पूर्व मंत्री और मौजूदा डीएमके विधायक एन सुरेश राजन से टक्कर मिली। मतों की गिनती के शुरुआती दौर के बाद, राजन आगे थे। हालांकि, गांधी ने जल्द ही गति पकड़ ली और बढ़त को पलट दिया। वह आखिर में 88,804 वोट हासिल करके शीर्ष पर रहे, जबकि राजन को 77,135 वोट हासिल किए। गांधी ने 11,669 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मालूम हो कि यह पहली बार होगा जब गांधी तमिलनाडु विधानसभा में अपना कदम रखेंगे। उन्होंने इससे पहले 1980, 1984, 1989, 2006, 2011 और 2016 में चुनावी हार का सामना किया था।

कोयम्बटूर (दक्षिण) में मक्कल निधि मय्यम के नेता कमल हासन और बीजेपी की वनाथी श्रीनिवासन के बीच मुकाबला था। मतगणना खत्म होने के साथ ही वनाथी ने कमल हासन को वोटों की गिनती के अंतिम दौर में हरा दिया। कांग्रेस के मयूरा एस जयकुमार ने भी इस सीट से चुनाव लड़ा और शुरुआती घंटों में बढ़त हासिल की। इसके बाद कमल हासन ने उन्हें दूसरे स्थान पर धकेल दिया, जिन्होंने कुछ घंटों के लिए बढ़त बनाए रखी।

वनाथी ने तब गति हासिल की और हासन को कड़ी टक्कर दी। अंतिम दौर में, वनाथी ने बढ़त बनाई और हासन को 1,728 वोटों के अंतर से हरा दिया। भाजपा नेता ने 53,209 वोट हासिल किए, जबकि हासन 51481 वोट पाने में सफल रहे।

मोदकुरिची में, सीके सरस्वती ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीएमके के उप महासचिव सुब्बुलक्ष्मी जगदीसन को हराकर सबको हैरान कर दिया। यह फिर से एक करीबी मुकाबला था, जिसमें सरस्वती ने अपने प्रतिद्वंद्वी को केवल 281 वोटों के अंतर से हराया। सरस्वती को 78,125 वोट मिले, जबकि सुब्बुलक्ष्मी को 77,844 मिले।

तिरुनेलवेली में, भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष और अन्नाद्रमुक शासन में पूर्व मंत्री नैनार नागेंद्रन ने डीएमके के एएलएस लक्ष्मणन के खिलाफ एक आरामदायक जीत हासिल की। नैनार को 92,282 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 23,107 वोटों से हराया। मालूम हो कि जयललिता की मृत्यु के बाद नैनार बीजेपी में शामिल हो गए थे।