तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर, चुनाव से ठीक पहले राजनीति से पीछे हटीं वीके शशिकला

बेंगलुरू जेल से रिहा होने के बाद शशिकला ने पिछले महीने सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा की थी।

Tamil Nadu Assembly Elections 2021

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से कई सप्ताह पहले अन्नाद्रमुक की निष्कासित नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की करीब सहयोगी वी के शशिकला ने बुधवार को घोषणा की कि ‘वह राजनीति से दूर रहेंगी’ लेकिन दिवंगत पार्टी सुप्रीमो के ‘स्वर्णयुगीन’ शासन की प्रार्थना करेंगी।

एक अप्रत्याशित एवं आकस्मिक एलान के तहत उन्होंने “अम्मा के समर्थकों” से भाई-बहन की तरह काम करने की अपील की और यह भी गुजारिश की कि वे यह सुनिश्चित करें कि जयललिता का ‘स्वर्णयुगीन शासन जारी रहे।” उन्होंने एक बयान में कहा, “मैं राजनीति से दूर रहूंगी और अपनी बहन पुराचि थलावी (जयलिलता), जिन्हें मैं देवीतुल्य मानती हूं, और ईश्वर से अम्मा के स्वर्णयुगीन शासन की स्थापना के लिए प्रार्थना करती रहूंगी। ताकि उनका युग फिर लौटे।”

उन्होंने जयललिता के सच्चे समर्थकों से छह अप्रैल के चुनाव में एकजुट होकर काम करने और साझे दुश्मन को सत्ता में आने से रोकने की अपील की। बेंगलुरू जेल से रिहा होने के बाद शशिकला ने पिछले महीने सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा की थी।

भाजपा ने बुधवार को कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की करीबी रहीं वी के शशिकला को छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ दल के अगुवाई वाले गठबंधन में शामिल करना है या नहीं, इस पर अन्नाद्रमुक को निर्णय लेना है।

इस पर अन्नाद्रमुक ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह न तो शशिकला को और न ही उनके रिश्तेदार टीटीवी दिनाकरण नीत अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम को पार्टी में और न ही चुनाव के लिए किए गए गठबंधन में शामिल करेगी।

तमिलनाडु भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि से पूछा गया था कि क्या उनकी पार्टी चाहती है कि शशिकला अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन में शामिल हो जाएं और इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह के कथित तौर पर मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से बात करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,‘‘ केवल आप कयास लगा रहे हैं।’’

उन्होंने संवाददताओं से कहा कि भाजपा अन्नाद्रमुक की अगुवाई वाले गठबंधन का हिस्सा है और शशिकला तथा दिनाकरण को इसमें शामिल करना है या नहीं इस पर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी को निर्णय करना है।
सीटों के बटवारे को ले कर अन्नाद्रमुक के साथ किसी प्रकार के मतभेद के बारे में पूछे जाने पर रवि ने कहा “कोई मतभेद” नहीं है और बातचीत चल रही है।

रवि ने कहा, “हम सभी 234 सीटों पर पार्टी को मजबूत कर रहे हैं।” यह पूछे जाने पर की क्या भाजपा शशिकला को गठबंधन में वापस लाने की सिफारिश कर रही है या पार्टी पर इसके लिए कोई दबाव है, अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने कहा ‘‘ हम पर कोई दबाव नहीं बना सकता।’’