तालिबान के ख़ौफ की बात कर लाइव शो में रोने लगीं अफगान सांसद, बोलीं- देश मां जैसा, छोड़कर आना पड़ा

अनारकली कौर होनारयार ने कहा कि तालिबानियों के बीच आपस में भी बहुत अच्छे रिश्ते नहीं हैं। कई ग्रुप आपस में बंटे हुए हैं।

Aaj Tak, Anarkali Kaur Honaryar अफगानिस्तान की महिला सांसद अनारकली कौर होनारयार (फोटो- ANI)

अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। तालिबान विरोधियों के बीच काफी खौफ का माहौल है। लोग लगातार देश छोड़कर दूसरे देश जा रहे हैं। अफागानिस्तान की महिला सांसद अनारकली कौर होनारयार तालिबान का जिक्र करते हुए आजतक चैनल के एक लाइव शो में रोने लगी। उन्होंने कहा कि देश मां जैसा है लेकिन हमें छोड़कर आना पड़ा।

अनारकली कौर होनारयार ने कहा कि तालिबानियों के बीच आपस में भी बहुत अच्छे रिश्ते नहीं हैं। कई ग्रुप आपस में बंटे हुए हैं। कब्जा के 10 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक सरकार का गठन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं सुनती रही थी कि देश मां है लेकिन मुझे लगता था कि ये कैसे कहते है? लेकिन अब मुझे समझ में आ रहा है कि देश मां कि तरह है। मुझे आने वाले कल को लेकर कोई उम्मीद नहीं है कि क्या होगा?

जब उनसे पूछा गया कि तालिबान का कितना खौफ है? जवाब देते हुए उन्होने कहा कि हमें डर है कि पिछले 10-15 साल में जो भी काम हुए वो बर्बाद हो जाएगा। बहुत कम ही लोग हैं जो देश से बाहर जा सकते हैं लेकिन कई लोग हैं जिनके पास इसके लिए भी मौका नहीं है। मैं अपने देश को अपनी मां को छोड़ कर आयी हूं और वो लाइव शो में ही रोने लगी।

बताते चलें कि भारत भी अफगानिस्तान के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अफगानिस्तान के ताजा हालात को मुश्किल और चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा कि वहां फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जी-जान से प्रयास किये जा रहे हैं।

ऑपरेशन देवी शक्ति के तहत अफगानिस्तान से भारत लाए जा रहे लोगों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चुनौतियां बहुत हैं, हालात मुश्किल हैं लेकिन गुरु कृपा भी हम पर बनी हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के साथ पवित्र गुरु ग्रंथ साहब के स्वरूप को भी सिर पर रखकर भारत लाए हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों (अफगानिस्तान की) से सताए हुए अपने लोगों के लिए देश में नए कानून भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां बन रही है, उससे हमें यह एहसास भी होता है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के क्या मायने होते हैं। यह घटनाएं हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के रूप में हर स्तर पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों जरूरी है।’’