तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया तो क्या दिक्कत है? शायर मुनव्वर राणा का विवादित बयान

मुनव्वर राणा ने तालिबान पर विवादित बयान दिया। उनका कहना है कि तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया है तो क्या दिक्कत है।

munawwar rana, taliban मुनव्वर राणा ने किया तालिबान का समर्थन (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

मशहूर शायर मुनव्वर राणा एक बार फिर से अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, मुनव्वर राणा ने हाल ही में नवभारत टाइम्स को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने तालिबान के बारे में बातचीत की, साथ ही उसका समर्थन भी किया। मुनव्वर राणा का कहना है कि तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया है, तो इसमें दिक्कत की क्या बात है? इसके साथ ही मुनव्वर राणा ने हिंदुस्तान के बारे में भी बातचीत की।

मुनव्वर राणा ने तालिबान के बारे में बात करते हुए इंटरव्यू में कहा, “उसने बिल्कुल सही किया। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है।” वहीं जब उनसे सवाल किया गया कि असलहों के दम पर कब्जा कर लेना, लोग मजबूर हैं कि उन्हें हवाई जहाज के पहियों से लटककर वहां से जाना पड़ रहा है।

इसके जवाब में मुनव्वर राणा ने कहा, “इसमें हिंदुस्तानी होकर नहीं सोचा जा सकता है। हिंदुस्तान की तरह सोचा जाए तो यह भी अंग्रेजों की गुलामी में था, जिसे आजाद कराया गया था। उन्होंने भी अपने देश को आजाद करा लिया है तो क्या दिक्कत है।” मुनव्वर राणा ने अफगानिस्तान और भारत की दोस्ती पर बात करते हुए कहा, “हिंदुस्तान, अफगानिस्तान का दोस्त रहा है। हजारों सालों से दोस्ती चली आ रही है।”

मुनव्वर राणा ने अपने बयान में आगे कहा, “जिस मुल्क से हमारे लंबे समय से ताल्लुकात रहे हों या यूं कहें कि कभी वह हिंदुस्तान का हिस्सा था। तालिबान का जो रवैया है, उन्हें आतंकवादी या आतंकी नहीं कहा जा सकता, उन्हें अग्रेसिव कहा जा सकता है।” मुनव्वर राणा यहीं नहीं रुके। उन्होंने इंटरव्यू में आगे कहा, “आतंकी तो आप कह रहे हैं ना। आप खुल्लमखुल्ला कहते हैं कि हर मुसलमान आतंकी नहीं होता, लेकिन हर आतंकी मुसलमान होता है।”

मुनव्वर राणा ने आगे कहा, “आपके यहां तो आतंकी की परिभाषा निकाली ही नहीं गई है कि कौन आतंकी है कौन नहीं।” बता दें कि मुनव्वर राणा के अलावा AIMPLB के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी ने भी तालिबान का समर्थन किया था, साथ ही वीडियो साझा कर तालिबान को बधाई भी दी थी। इसके अलावा सांसद शफीकुर्रहमान का कहना था कि उन्होंने अपने देश को आजाद कराया है।

हालांकि उनके इस बयान को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। इससे इतर पीस पार्टी के नेता शादाब चौहान का भी तालिबान को बधाई देते हुए ट्वीट वायरल हुआ था।