तालिबान पर भड़के रक्षा विशेषज्ञ तो बदतमीज़ बता शो छोड़ गईं महिला पैनलिस्ट

लाइव डिबेट शो में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य पर रक्षा विशेषज्ञ नाराज हो गए। इसके बाद वह चिल्लाने लगे। महिला ने माइक निकाल दिया और शो छोड़कर चली गईं।

फोटो क्रेडिट- रॉयटर्स

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सज्जाद नोमानी ने आज तालिबान के समर्थन में बयान दिया है। उनका कहना है कि इस काम के लिए हिंदी मुसलमान उन्हें सलाम करता है। उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ ऐसी ही बहस जब न्यूज 18 के डिबेट शो में छिड़ गई तो AIMPLB की सदस्य यासमीन फारुकी शो छोड़कर चली गईं।

डिबेट में महिला से जब सवाल किया गया कि तालिबान के बारे में उनका क्या कहना है, तो उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा कि भारत में लोगों की हिम्मत चीन पर बोलने की नहीं होती। आज केवल अफगानिस्तान की बात क्यों हो रही है। इस पर शो में मौजूद रक्षा विशेषज्ञ आरएसएन सिंह ने कहा, ‘ये दारुल इस्लाम के सपने छिपाने की कोशिश कर रही हैं। सोवियत के खिलाफ लड़ रहे मुजाहिदीन को अमेरिका ने हथियार दिए थे। इन्हीं हथियारों से तालिबना खड़ा हुआ।’

उन्होंने कहा, ‘जिन हथियारों को इस्तेमाल तालिबानी कर रहे हैं, वे काफिरों के बनाए हुए हैं। मैं आपको चुनौती देता हूं।’ इतना बोलते ही यासमीन फारुकी नाराज हो गईं और कहने लगीं कि आपको बोलने की तमीज नहीं है। आप बहुंत गंदे आदमी हो। सिंह ने एक बार फिर कहा, आप बलात्कारियों का साथ दे रही हैं। आपको रत्ती भर ज्ञान नहीं है। आप आधा समय केवल संबित पात्रा को गाली देने में गंवा देती हैं

इतना सुनते ही महिला पैनलिस्ट उन्हें ‘महा बदतमीज’ बोलकर, माइक निकालकर शो से चली गईं। इसके बाद भी आरएसएन सिंह बोलते रहे। उन्होंने कहा, ये लोग तालिबानियों की तरफदारी करते हैं। अगर आपको अमेरिका से दिक्कत है तो चीन से भी दिक्कत होनी चाहिए। आपको लगता है कि सद्दाम हुसैन का मूवमेंट सही था। आपको लगता है कि बरादर आ गया अब दारुल इस्लाम बनेगा। उन्होंने कहा, यह जो समय का चक्र है, बहुत ही अस्थायी है। आप भी बनवा लीजिए मुल्ला बरादर का टीशर्ट।

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद भारत में भी इस तरह की बहस तेज है। जहां एक तरफ कट्टरपंथियों की आलोचना ही रही है तो दूसरी तरफ इनकी तारीफ करने वालों की भी कमी नहीं है।