तालिबान से बात करे भारत, अर्नब के शो में बोले मौलाना- हमारे अरबों रुपये दांव पर, पैनलिस्ट ने की बोलती बंद

मौलाना ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में ढेर सारा पैसा निवेश किया है। भले ही गलती अमेरिका की हो या अशरफ गनी की लेकिन भारत को अपने निवेश को बचाने के लिए तालिबान से बातचीत करनी चाहिए।

Taliban, Hindu - Muslim अफगानिस्तान में 20 साल बाद फिर से तालिबान का कब्जा हो गया है। (Photo Source – Reuters)

रिपब्लिक पर डिबेट के दौरान एंकर अर्नब गोस्वामी ने पैनल में बैठे मौलाना से सवाल किया कि भारत को तालिबान से बातचीत क्यों करनी चाहिए? इसका जवाब देते हुए मौलाना कहने लगे कि जब अमेरिका उत्तर कोरिया से बातचीत कर सकता है तो भारत तालिबान से बातचीत क्यों नहीं कर सकता है। मौलाना ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में ढेर सारा पैसा निवेश किया है। भले ही गलती अमेरिका की हो या अशरफ गनी की लेकिन भारत को अपने निवेश को बचाने के लिए तालिबान से बातचीत करनी चाहिए।

डिबेट में एंकर मौलाना से पूछने लगे कि क्यों ये बात अहमियत नहीं रखती कि तालिबान कैसे सत्ता में आया। अहम यही है कि तालिबान कैसे सत्ता में आया। एंकर पूछने लगे कि आप क्यों तालिबान को वैध ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। मौलाना को जवाब देते हुए एक पैनलिस्ट ने कहा कि अफगानिस्तान से अफगानियों को कुछ इसी तरह भागना पड़ा है जैसे कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को भागना पड़ा था। सवाल ये होना चाहिए कि अफगानिस्तान में भारतीयों की क्या स्थिति है, उनकी सुरक्षा क्या है?

बता दें कि अफगानिस्तान में आतंकवादी समूह तालिबान के फिर से प्रभाव में आने के मद्देनजर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ की तरह सभी प्रयास करेगी।

गौरतलब है कि पिछले साल कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन के बाद विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा वंदे भारत मिशन चलाया गया था। सिंधिया अपनी ‘जन आर्शीवाद यात्रा’ के तहत मंगलवार शाम को मध्यप्रदेश के शाजापुर पहुंचे थे।

उन्होंने देर रात पत्रकारों से कहा, ‘‘भारत सरकार एअर इंडिया या भारतीय वायु सेना के विमानों से, जैसे भी संभव होगा अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से वापस लाएगी। जैसा हमने वंदे भारत मिशन में किया था।’’

सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने गत शुक्रवार को अफगानिस्तान से अपने नागरिकों की निकासी शुरू की थी। निकासी की यह प्रक्रिया तीन दिनों तक जारी रही। लेकिन सोमवार की सुबह भारत से एक उड़ान काबुल के लिए जाने वाली थी तब वहां हवाई अड्डे पर गोलीबारी के बाद नोटेम (नोटिस टू एयरमेन, इसके जरिये काबुल के ऊपर का पूरा एयरस्पेस बंद कर दिया गया था) का नोटिस प्राप्त हुआ। इसलिए सोमवार को निकासी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई।

उन्होंने कहा कि सोमवार देर रात से सरकार प्रयासों में जुटी रही और बाद में भारतीय वायुसेना का एक विमान मंगलवार को काबुल गया और भारतीय नागरिकों को वापस लाया।

उड्डयन मंत्री ने कहा, ‘‘हम अफगानिस्तान से अपने सभी नागरिकों को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगें। हमने पहले भी वंदे भारत मिशन में ऐसा किया था।’’