त्रिपुरा के बीजेपी एमएलए ने पार्टी को कहा अलविदा, पछतावे के तौर पर कोलकाता में मुंडवाया सिर

दास ने कहा, “हमने सोचा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पिछली सरकार के कुशासन से हमारी रक्षा कर सकती है जिसने 25 साल शासन किया। उस विश्वास के आधार पर, हमने अनजाने में गलती की।”

Tripura, BJP, TMC हालांकि आशीष दास ने औपचारिक रूप से यह घोषणा नहीं की कि वह टीएमसी में शामिल होंगे, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि दास बुधवार को ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल होंगे। (ट्विटर/एएनआई)

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “विपक्ष का चेहरा” के रूप में उभरने पर उनकी प्रशंसा करने के एक दिन बाद, भाजपा के त्रिपुरा विधायक आशीष दास ने मंगलवार को अपना सिर मुंडवा लिया और पश्चात्ताप के रूप में कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा की और अपनी विधायकी छोड़ने और भगवा पार्टी छोड़ने की घोषणा की।

वे पिछले हफ्ते कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय का दौरा किए थे, लेकिन भाजपा ने ममता बनर्जी की पार्टी में उनके शामिल होने का खंडन किया था।

दास बोले- “कालीघाट एक बहुत ही दिव्य स्थान है जहाँ लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आज मैंने पश्चात्ताप के रूप में अपना सिर मुंडवा लिया और 2023 में भाजपा को उखाड़ फेंकने तक मैं ऐसे ही रहूंगा। मैं आज पार्टी छोड़ रहा हूं। मेरा अगला कदम जो भी होगा, उसकी घोषणा बाद में की जाएगी।’

दास ने कहा, “हमने सोचा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पिछली सरकार के कुशासन से हमारी रक्षा कर सकती है जिसने 25 साल शासन किया। उस विश्वास के आधार पर, हमने अनजाने में गलती की।”

भाजपा प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्जी ने कहा, ‘हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हमारे शीर्ष नेता इस संबंध में निर्णय लेंगे।” हालांकि आशीष दास ने औपचारिक रूप से यह घोषणा नहीं की कि वह टीएमसी में शामिल होंगे, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि दास बुधवार को ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल होंगे।

इससे पहले पिछले विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बाद सीएम ममता बनर्जी इस बार अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गई हैं। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल के खिलाफ रेकॉर्ड 58,832 मतों से जीत हासिल की है। अब ममता बनर्जी सीएम पद की कुर्सी पक्की हो गई है।

ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करने का बाद कहा, जब बंगाल का चुनाव शुरू हुआ था तब से हमारी पार्टी के खिलाफ बहुत षड़यंत्र हुआ था। केंद्र सरकार ने षड़यंत्र करके हमलोगों को हटाने का बंदोबस्त किया था, लेकिन मैं जनता की आभारी हूं कि जनता ने हमें जिताया। मैंने खुद चुनाव लड़ा था लेकिन अभी वो मामला न्यायालय में है। मैंने भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव 58,832 मतों के अंतर से जीता है और निर्वाचन क्षेत्र के हर वार्ड में जीत दर्ज की है।