दिग्गजों की डुगडुगी: दीपिका का दम, करीना की परेशानी, रहमान-गुलजार साथ

रणवीर सिंह, पूजा हेगड़े, वरुण शर्मा जैकलीन फर्नांडीज जैसे कलाकारों के बावजूद निर्देशक रोहित शेट्टी को लग रहा है कि उनकी ‘सर्कस’ में कहीं कुछ कम पड़ रहा है।

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दीपिका का दम

रणवीर सिंह, पूजा हेगड़े, वरुण शर्मा जैकलीन फर्नांडीज जैसे कलाकारों के बावजूद निर्देशक रोहित शेट्टी को लग रहा है कि उनकी ‘सर्कस’ में कहीं कुछ कम पड़ रहा है। फिल्म में कुछ ‘दम’ बढ़ाने का भान बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशकों को अक्सर होता रहता है और उसकी पूर्ति की जुगाड़ भी वे अपने तरीके से करते हैं। रोहित शेट्टी भी अपनी फिल्म ‘सर्कस’ को खास बनाना चाहते हैं इसलिए उन्होंने अजय देवगन और रणवीर सिंह की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को ‘सर्कस’ में फिट कर दिया है।

इस संजीव कुमार- देवेन वर्मा की दोहरी भूमिकाओं पर बनी ‘अंगूर’ (1982) की रीमेक को अतिथि भूमिका में दीपिका और मनोरंजक बनाएंगी। ऐसा नहीं है कि रोहित पहली बार अपनी फिल्म में अतिथि भूमिका में किसी को ला रहे हैं। रोहित ‘बोल बच्चन’ में अमिताभ बच्चन या ‘सिंबा’ में करण जौहर को पहले भी ला चुके हैं। ‘अंगूर’ अपने आप में इतनी हास्यप्रधान फिल्म थी कि उसमें किसी टोटके की जरूरत ही नहीं थी। पर शेट्टी को लगता है कि अजय देवगन और दीपिका इसमें हंसने के क्षण और बढ़ा सकती हैं। दूसरे निर्देशक भी ऐसा करते रहते हैं। जैसे राजकुमार संतोषी अपनी हर फिल्म में किसी न किसी नामी स्टार को अतिथि भूमिका में ले ही आते थे।

करीना की परेशानी

एक जमाना था जब फिल्म स्टारों को अपने से जुड़ी खबरें छपवाने के लिए पत्रकारों का मुंह ताकना पड़ता था। उनके सेक्रेटरी और फिल्म के ‘पीआरओ’ यह जिम्मेदारी बखूबी निभाते थे। मगर जब से सोशल मीडिया का चलन शुरू हुआ स्टार खुद अपने से जुड़ी खबरों से लेकर अपनी गतिविधियों की खबरें खुद पोस्ट करने लगे। मगर इसने एक दूसरी समस्या पैदा कर दी, जिससे इस समय करीना कपूर जैसी अभिनेत्री परेशान हैं। उनसे जुड़ी खबर सोशल मीडिया पर आती या वे कोई पोस्ट डालती नहीं कि उन्हें ट्रोल करने वाले तैयार हो जाते। कोई फिल्म साइन करें, अपने बच्चों के नाम रखें, कहीं आएं-जाएं, सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करने वाले निकल ही आते। करीना को खासतौर पर अपने बच्चों के नामकरण के समय खूब ट्रोल किया गया। लेकिन यह समस्या सिर्फ करीना कपूर तक सीमित नहीं है। सितारों को अपनी जिंदगी की झलक दिखाने का मंच सोशल मीडिया पर सहजता से चाहे मिल गया हो, मगर बदले में शालीन और अशालीन दोनों तरह की टिप्पणियां भी उन्हें सीधे मिलने लगीं हैं।

रहमान-गुलजार साथ

सन 1998 में शाहरुख खान और मनीषा कोइराला की प्रमुख भूमिकवाली मणि रत्नम की ‘दिल से’ में ‘सतरंगी रे’, ‘जिया जले जान जले…’ या ‘चल छैंया छैया छैंया छैंया…’ जैसे मधुर गानों का आसमान तैयार किया था गुलजार और एआर रहमान ने मिलकर। ये तीनों गाने इतन मधुर थे कि लोगों ने लंबे समय तक इन्हें गुनगुनाया। रहमान ने इसके बाद सुभाष घई की ‘ताल’ में आनंद बख्शी के साथ इसी मधुरता को आगे बढ़ाया। रहमान ने मुंबई में मजरूह सुल्तानपुरी, जावेद अख्तर, आनंद बख्शी, प्रसून जोशी से लेकर महबूब जैसे गीतकारों से अपनी धुनों पर लिखवाया। अब फिर यह जोड़ी साथ आ रही है सहारा प्रमुख सुब्रत राय के जीवन पर बनने वाली फिल्म के लिए। इस फिल्म की घोषणा संदीप सिंह ने की है और उन्होंने सहारा प्रमुख पर फिल्म बनाने के अधिकार भी लिए हैं। रहमान और गुलजार दोनों के प्रशंसकों के लिए यह खुशी की खबर है।