‘दिमाग खराब हो गया है आपका’, पैनलिस्ट पर भड़क बोले अर्णब- ठीक से बात करता हूं तो समझ में नहीं आता

‘पूछता है भारत’ अर्नब के साथ प्रोग्राम में राजनीतिक विश्लेषक विनय सिंह ने कहा कि PFI के साथ 3 दर्जन विंग काम करती है उन सबको बैन करने की जरूरत है। उनका कहना था कि PFI ने 2017 में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को सपोर्ट दिया था।

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रिपब्लिक टीवी पर PFI को बैन करने को लेकर आयोजित डिबेट में अर्नब गोस्वामी पैनलिस्ट पर भड़क गए। उनका कहना था कि ‘दिमाग खराब हो गया है आपका’, ठीक से बात करता हूं तो समझ में नहीं आता। उनका कहना था कि दुनिया भर को पता है इस बारे में।

‘पूछता है भारत’ अर्नब के साथ प्रोग्राम में राजनीतिक विश्लेषक विनय सिंह ने कहा कि PFI के साथ 3 दर्जन विंग काम करती है उन सबको बैन करने की जरूरत है। उनका कहना था कि PFI ने 2017 में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को सपोर्ट दिया था। बाकायदा प्रेस वार्ता करके समर्थन का ऐलान किया गया था। उनका कहना था कि कांग्रेस इस तरह के संगठनों को बढ़ावा देती है। ये सरासर देश विरोधी काम है। इस पर कार्रवाई होनी जरूरी है।

विनय सिंह ने कहा कि PFI का चेहरा तो मानवीय रखा गया है पर असल में ये है आतंकी संगठन। इसका काम आतंकी गतिविधयों को अंजाम देना होता है। इसकी कई शाखाएं हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर फंडिंग तक का काम देखती हैं। सरकार को चाहिए कि इन सबकी जड़ों में मट्ठा डाल दे। इन्हें जड़ से खत्म कर दे। जब तक इनके खिलाफ कठोर एक्शन नहीं होगा, ये लोग देश विरोधी काम करते रहेंगे।

विपक्ष के पैनलिस्ट का कहना था कि सरकार PFI के नाम पर बेवजह का तमाशा खड़ा करती है। सरकार असली मुद्दों पर से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की चीजों को आगे करती है। उनका कहना था कि अगर किसी के खिलाफ देशद्रोह के सबूत हैं तो उस पर कार्रवाई की जाए, लेकिन रोजाना नया बखेड़ा खड़ा करना कहां तक ठीक है। उनका कहना था कि सरकार इस तरह के विवाद को खड़ा करके विपक्ष को इससे जोड़ने लग जाती है, लेकिन ये नहीं बताती कि खुद उसकी कमियां कहां पर हैं। सरकार पहले खुद को तो ठीक करे।

ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश समेत देश भर में सीरियल ब्लास्ट की बहुत बड़ी साजिश नाकाम हुई है। राजधानी लखनऊ से यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो लोगों को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया है। ये दोनों लोग पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े हैं। एसटीएफ का दावा है कि हिंदू संगठन के नेता इन दोनों लोगों के निशाने पर थे।