दिलीप कुमार की 3 विवादित प्रेम-कहानियां, किसी का भाई बंदूक लेकर पहुंचा तो किसी के साथ कोर्ट में आमना-सामना

साल 1948, बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई अपने दौर की सुपरहिट फिल्म शहीद…फिल्म सुपरहिट हुई और दिलीप कुमार-कामिनी कौशल की जोड़ी सुपर-डुपर हिट…मगर ऑनस्क्रीन कहानी जो दिखाई जा रही थी… असलियत में वो कहानी तो ऑफ़स्क्रीन लिखी जा रही थी… दिलीप कुमार-कामिनी कौशल… एक-दूसरे के करीब आ चुके थे… कामिनी कौशल शादीशुदा थीं… इस बात […]

साल 1948, बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई अपने दौर की सुपरहिट फिल्म शहीद…फिल्म सुपरहिट हुई और दिलीप कुमार-कामिनी कौशल की जोड़ी सुपर-डुपर हिट…मगर ऑनस्क्रीन कहानी जो दिखाई जा रही थी… असलियत में वो कहानी तो ऑफ़स्क्रीन लिखी जा रही थी… दिलीप कुमार-कामिनी कौशल… एक-दूसरे के करीब आ चुके थे… कामिनी कौशल शादीशुदा थीं… इस बात को दरकिनार करते हुए… दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ने लगी… इस जोड़ी की पहली फ़िल्म शहीद को शानदार रिस्पॉस मिला… फ़िल्म इंडिया मैग्ज़ीन ने लिखा.. “इन दोनों के रोमांटिक दृश्यों में गहराई थी… ऐसे सीन इंडियन सिनेमा में पहले कभी नहीं देखे गए थे…”

फिल्मीस्तान स्टूडियो के साथ दिलीप कुमार की दूसरी फ़िल्म थी… नदिया के पार… ये भी एक ट्रैजिडी फ़िल्म थी… और ऐसा पहली बार था कि फ़िल्म के अंत में हीरो दिलीप कुमार की मौत हो होती है… फ़िल्म क्रिटिक्स को दिलीप कुमार की एक्टिंग में नयापन नज़र नहीं आया… लेकिन कामिनी कौशल और दिलीप कुमार की जोड़ी हिट जोड़ी बन चुकी थी… इसके साथ ही दिलीप और कामिनी का रोमांस फ़िल्म शबनम में भी नज़र आया… लड़के के लिबास में कामिनी के लिए दिलीप का एक डायलॉग जैसे जुमला बन गया…”टैगोर ने कहा था… तुम्हारी आंखें दो नीली झीले हैं…”

दिलीप कुमार और कामिनी कौशल का प्यार तीन फ़िल्म पुराना हो चुका था…जानी मानी लेखिका. इसमत चुग़तई के मुताबिक..”कामिनी… अपना घर परिवार, बच्चे छोड़कर दिलीप के साथ शादी करना चाहती थीं… मैंने उन्हें समझाया कि समाज में तुम्हारा ये रिश्ता कबूल नहीं होगा…” आखिरकार वो दिन भी आया, जो नीयती ने शायद तय कर रखा था… फ़िल्म आरज़ू के सेट पर कामिनी कौशल और दिलीप कुमार के बीच एक रोमांटिक सीन फ़िल्माया जाना था.. उसी दिन कामिनी की मां और भाई लोकेशन पर आ पहुंचे… कामिनी का भाई फ़ौजी यूनिफ़ॉर्म में था.. जिसकी जेब में बंदूक थी… उस दिन के बाद कई अफ़वाहें उड़ीं… ख़ैर आरज़ू फ्लॉप हो गई… क्रिटिक्स को फ़िल्म नागवार गुज़री… और दिलीप-कामिनी का रिश्ता भी ख़त्म हो गया..जिसके बाद दोनों ने फिर कभी एक साथ काम नहीं किया…

कामिनी कौशल से रिश्ता टूटने के बाद… एक हसीन अदाकारा ने उन्हें ख़त भेजा, मोहबब्त का पैग़ाम। ये किस्सा है फिल्म मुगल-ए-आज़म का। वो फ़िल्म जिसे बनने में 12 साल लगे। वो फ़िल्म जो एक महान प्रेम गाथा लेकर आई… ये दास्तान-ए-मोहब्बत सिर्फ़ अनारकली –सलीम की नहीं थी… बल्कि एक सच्ची कहानी थी… जो वास्तव में पर्दे के पीछे बुन रही थी… लेकिन गुलज़ार सिल्वर स्क्रीन हो रहा था…दिलीप कुमार के साथ इस फ़िल्म में मधुबाला थीं… वो ही अदाकारा जिन्होंने फ़िल्म तराना से पहले दिलीप साहब को ख़त लिखा… “अगर आप मुझे चाहते हैं… तो ये गुलाब क़बूल फ़रमाइए… वरना इसे वापस कर दीजिए…”

उस दिन के बाद… और शायद आज तक… दिलीप-मधुबाला की मोहब्बत एक अमर प्रेम कहानी की तरह दुनिया के सामने है… दिलीप कुमार ने भरी कोर्ट में मधुबाला के लिए कहा था कि “ मैं इस लड़की से प्यार करता हूं… और मरते दम तक करता रहूंगा..” लेकिन इनकी मोहब्बत मुग़ल-ए-आज़म पर आकर ही थम गई… प्रोफेशनल दोस्ती इस प्रेम कहानी पर भारी पड़ी…ब्रेकअप का सिलसिला सेट पर एक थप्पड़ से शुरु हुआ और कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ गवाही देने पर जाकर खत्म हो गया…

मधुबाला से ब्रेकअप के बाद दिलीप कुमार को अपने से आधी उम्र की सायरा बानो से प्यार हो गया और 44 साल के दिलीप कुमार ने 22 साल की सायरा बानो को अपनी शरीक-ए-हयात बना लिया…मगर विवादों से उनका पीछा अब भी नहीं छूटा था… इस निकाह पर दिलीप कुमार के दोनों भाइयों अहसान और असलम को ऐतराज़ था, जो दिलीप कुमार के साथ ही रहते थे…दरअसल भाइयों को लगता था कि सायरा उन्हें दिलीप कुमार के साथ साथ पाली हिल वाले बंगले में से भी दूर कर रही हैं…अपने इस दर्द को बयां करते हुए अहसान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि “घर में एक ऐसी औरत आ गई जो मियां को लेकर अलग हो गई…”