दिल्ली बीजेपी मुख्यालय पहुंचीं अनुराधा पौडवाल, उत्तराखंड चुनाव को लेकर चर्चा गर्म

बुधवार को अनुराधा पौडवाल बीजेपी नेताओं से मुलाकात के लिए दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचीं। जहां उन्होंने केदारनाथ में समाज सेवा करने की इच्छा जताई।

anuradha paudwal बीजेपी ऑफिस में अनुराधा पौडवाल (फोटो- @ArunSinghbjp)

अगले साल उत्तराखंड में चुनाव होने हैं और इसे लेकर बीजेपी-कांग्रेस और आप लगातार तैयारियों में जुटी दिख रही है। इसी बीच मशहुर गायिका अनुराधा पौडवाल के बीजेपी ऑफिस पहुंचे की खबर है।

बुधवार को अनुराधा पौडवाल बीजेपी ऑफिस पहुंचीं। पद्म पुरस्कार से सम्मानित पौडवाल ने केदारनाथ में कुछ सामाजिक कार्य करने की इच्छा व्यक्त करने के लिए बीजेपी कार्यालय का दौरा किया। अभी केदारनाथ में 100 करोड़ रुपये से अधिक का विकास कार्य प्रगति पर है।

पौडवाल ने भाजपा महासचिव अरुण सिंह और राष्ट्रीय मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख अनिल बलूनी से मुलाकात की। मंदिर के आसपास की सामाजिक गतिविधियों के लिए मंजूरी प्राप्त करने में पौडवाल भाजपा नेताओं का समर्थन चाहती थीं। भाजपा नेताओं का कहना है कि भक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध पौडवाल, केदारनाथ मंदिर के एक भक्त हैं और इसके साथ जुड़ना चाहती हैं। हालांकि कई लोगों का मानना ​​है कि राज्य में चुनाव होने हैं, इसलिए और भी कुछ हो सकता है।

इस मुलाकात पर अरुण सिंह ने ट्वीट कर कहा- “विख्यात भजन, पार्श्व गायिका एवं पद्मश्री अनुराधा पौडवाल जी ने भाजपा केन्द्रीय कार्यालय में मुलाकात की, तथा उन्होंने राखी बांधी, उनके गाये भजनों व गीतों ने उन्हें विश्व भर में एक अलग पहचान दी है।”

बता दें कि इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कहीं बीजेपी पौडवाल को अपने साथ लाने की तैयारी तो नहीं कर रही हैं। उत्तराखंड में इस बार बीजेपी-कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने का आसार है। प्रदेश में कई मुख्यमंंत्रियों को बदल चुकी बीजेपी, चुनाव से पहले एक मजबूत और लोकप्रिय चेहरे की तलाश में है।

इस चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने कर्नल कोठियाल को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। आप की इस घोषणा से कांग्रेस और बीजेपी दोनों के सामने चुनौती पैदा हो गई है। अब इन दोनों पार्टियों पर भी सीएम पद का चेहरा घोषित करने का दबाव है।

बीजेपी जहां इस चुनाव में सत्ता बरकार रखने की तैयारी कर रही है तो वहीं कांग्रेस वापसी कर 2024 के लिए मजबूत दावेदारी पेश करने की कोशिश में है। वहीं आम आदमी पार्टी के मुखिया दिल्ली से बाहर पार्टी के विस्तार की कोशिशों में लगे हैं और उत्तारखंड चुनाव में उन्हें एक मौका नजर आ रहा है।