“देशविरोधी बकवास कर रहीं महबूबा मुफ्ती”, बोले BJP सांसद- जिसने उन्हें CM के तौर पर थोपा था, वो मांगे सार्वजनिक माफी

मोदी सरकर के कटु आलोचक स्वामी ने शनिवार को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ‘ को लेकर एक ट्वीट किया है। स्वामी ने कहा कि जिसने भी भाजपा- पीडीपी गठबंधन का सीएम मुफ़्ती को बनाया था उसे अब माफी मंगनी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो- फेसबुक- @Swamy39) भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो- फेसबुक- @Swamy39)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर अपने ट्वीट के लिए सुर्खियों में बने रहते हैं। मोदी सरकर के कटु आलोचक स्वामी ने शनिवार को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को लेकर एक ट्वीट किया। स्वामी ने कहा कि जिसने भी भाजपा- पीडीपी गठबंधन का सीएम मुफ़्ती को बनाया था उसे अब माफी मंगनी चाहिए।

भाजपा सांसद ने ट्वीट कर लिखा, “महबूबा मुफ्ती को भाजपा-पीडीपी गठबंधन का जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री किसने बनाया था? वह अब जो राष्ट्र विरोधी बकवास कह रही है, उससे मैं यह मांग करता हूं कि जिसने भी यह निर्णय लिया था, उसे इस हिमालयी भूल के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।” इसपर एक हरी नाम के यूजर ने लिखा, “हमने मुफ्ती के साथ सरकार बनाकर धारा 370 को खत्म कर दिया। यह एक हिमालयी सफलता थी।”

इसपर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “अनुच्छेद 370 को राष्ट्रपति की अधिसूचना द्वारा हटाया गया था। जम्मू-कश्मीर सरकार का इससे क्या लेना-देना है? क्या आप अनपढ़ हैं या मुफ्ती अनुयायी हैं?” रोहित नाम के एक यूजर ने लिखा। “जी हां मुफ़्ती के साथ सत्ता के लिए भाजप का गठबंधन सबसे बड़ी गलती थी।” इसपर स्वामी ने लिखा। “गलती, यह बहुत बड़ा ब्लंडर था।”

बता दें पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से अफगानिस्तान से सबक लेने के लिए कहा, जहां तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया और अमेरिका को भागने पर मजबूर किया। महबूबा मुफ्ती ने साथ ही सरकार से जम्मू-कश्मीर में बातचीत करने और 2019 में रद्द किए गए विशेष दर्जे को वापस करने का आग्रह किया।

महबूबा की टिप्पणी पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उन पर केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खोने के बाद ‘‘घृणा की राजनीति’’ में लिप्त होने का आरोप लगाया और कहा कि जो कोई भी भारत के खिलाफ साजिश करेगा उसे नष्ट कर दिया जाएगा।

अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्जा करने का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र को ‘‘हमारी परीक्षा नहीं लेने’’ की चेतावनी दी और सरकार से ‘‘अपने तरीके सुधारने, स्थिति को समझने और अपने पड़ोस में क्या हो रहा है वह देखने के लिए कहा।’’

उन्होंने 5 अगस्त, 2019 के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘एक महाशक्ति,अमेरिका को अपना बोरिया बिस्तर समेटकर भागना पड़ा। आपके (केंद्र) पास अभी भी जम्मू-कश्मीर में एक संवाद प्रक्रिया शुरू करने का अवसर है जैसे (पूर्व प्रधानमंत्री) वाजपेयी ने किया था और आपके पास जम्मू-कश्मीर की पहचान को अवैध रूप से और असंवैधानिक तरीके से छीनकर की गई गलती को सुधारने का एक मौका है, अन्यथा बहुत देर हो जाएगी।’’