देश खोखला कर चुके मोदी के सामने विपक्षी बेअसर क्यों? पुण्य प्रसून बाजपेयी ने किया सवाल, आने लगे ऐसे जवाब

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने मोदी सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने सवाल किया कि देश को खोखला कर चुके मोदी के सामने विपक्षी बेअसर क्यों?

pm narendra modi, पीएम नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

मशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव नजर आ रहे हैं। समसामयिक मुद्दों पर ट्वीट करने के साथ-साथ पुण्य प्रसून बाजपेयी केंद्र सरकार व राज्य सरकार की खामियों पर भी बेबाकी से बोलते हैं। हाल ही में उन्होंने मोदी सरकार पर ट्वीट कर फिर से तंज कसा है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि सात साल में सरकारी नौकरियां कम हो गई हैं। इसके साथ ही पुण्य प्रसून बाजपेयी ने मोदी सरकार के सामने विपक्षी एकजुटता के बेअसर होने पर भी सवाल किया है।

मोदी सरकार व विपक्ष को लेकर किया गया पुण्य प्रसून बाजपेयी का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। अपने ट्वीट में उन्होंने पीएम मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, “सात साल में सरकारी नौकरियां कम हो गईं। सरकारी कंपनियों की कमाई कम हो गई। टॉप नौकरशाही बीजेपी में शामिल हो गए।”

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ट्वीट में आगे लिखा, “देश को खोखला कर चुके मोदी के सामने विपक्षी एकजुटता बेअसर क्यों?” उनके इस ट्वीट को लेकर अब सोशल मीडिया यूजर भी खूब कमेंट कर रहे हैं। सीबी शुक्ला नाम के यूजर ने पुण्य प्रसून बाजपेयी के ट्वीट के जवाब में लिखा, “क्योंकि भारत को मोदी पसंद हैं।” वीकेयू नाम के यूजर ने लिखा, “क्योंकि विपक्षी सत्ता के काबिल नहीं रह गए हैं। यह सब काबिलियत खो दिए हैं।”

मनु जोशी नाम के यूजर ने पुण्य प्रसून बाजपेयी के ट्वीट के जवाब में लिखा, “60 लाख सरकारी कर्मचारी हुआ करते थे केंद्र के, जो अब 46 लाख हो गए हैं। यही विकास है, सोए समाज को खुद उठना होगा कि नंबर सबका आएगा। देर या सवेर।” आशीष नाम के यूजर ने लिखा, “क्योंकि करने वाला नेता कोई नहीं है। सारा विपक्ष केवल बोलने वाला है। हम ऐसे लोग चाहते हैं जो ज्यादा उत्तरदायी हों।” बता दें कि पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ट्वीट के साथ ही अपना एक वीडियो भी शेयर किया।

वीडियो में पुण्य प्रसून बाजपेयी ने कहा, “देश का विपक्ष इससे पहले इतनी बुरी हालत में कभी नहीं था। रोजगार का सवाल हो या सरकारी कंपनियों से कमाई का सवाल हो, इससे बुरी स्थिति देश में कभी नहीं थी। 2024 के बाद या अभी से ही भारत जिस दिशा में आगे बढ़ चुका है, ऐसे में इस देश के पास सिवाय कंगाली के, बेरोजगारी के और शायद आर्थिक विपन्नता के कुछ नहीं है।”