देहरादून के अभिमन्यु ईश्वरन 23 साल में बने थे बंगाल के कप्तान, रणजी ट्रॉफी में तहलका मचाने पर टीम इंडिया में हुए शामिल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पैदा हुए अभिमन्यु ने 2013 में अपना पहला फर्स्ट क्लास मैच खेला था। तब बंगाल की ओर से उन्हें उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेलने का मौका मिला था। पहला लिस्ट ए मैच 2015 में मध्य प्रदेश और पहला टी20 मैच 2017 में त्रिपुरा के खिलाफ खेले थे।

Abhimanyu Easwaran

इंग्लैंड दौरे पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल और मेजबान देश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है। 20 सदस्यीय टीम के अलावा स्टैंडबाई खिलाड़ी के तौर पर 4 क्रिकेटर्स को भी वहां जाने का मौका मिला है। इनमें बंगाल रणजी टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन भी शामिल हैं। अभिमन्यु लगातार दूसरी बार रिजर्व या स्टैंडबाई खिलाड़ी के तौर पर चुने गए हैं। इससे पहले वे इंग्लैंड के खिलाफ 2020-21 सीरीज में रिजर्व प्लेयर थे।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पैदा हुए अभिमन्यु ने 2013 में अपना पहला फर्स्ट क्लास मैच खेला था। तब बंगाल की ओर से उन्हें उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेलने का मौका मिला था। पहला लिस्ट ए मैच 2015 में मध्य प्रदेश और पहला टी20 मैच 2017 में त्रिपुरा के खिलाफ खेले थे। अभिमन्यु ने 2018-19 रणजी सीजन में तहलका मचा दिया था। उन्होंने 6 मैचों में 95.66 की औसत से 861 रन ठोक दिए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक निकले थे। तब वे टीम इंडिया में शामिल होने के दावेदारों में थे। हालांकि, इसके बाद अगला सीजन खराब गया। वे 17 पारियों में 17.20 की औसत से 258 रन ही बना सके। उनका बेस्ट स्कोर 62 रन था।

25 साल के अभिमन्यु की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें 23 साल की उम्र में ही बंगाल जैसी बड़ी टीम का कप्तान बना दिया गया था। उनकी कप्तानी में टीम 2019-20 सीजन के फाइनल में पहुंची थी। उसे सौराष्ट्र के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। बंगाल 2006-07 सीजन के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचा था। अभिमन्यु इंग्लैंड दौरे की तैयारी में अभी से ही जुट गए हैं। कोरोना काल में वे देहरादून स्थित अपने पिता की एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे हैं।

अभिमन्यु ने कहा, ‘‘यहां भी इंग्लैंड की तरह ही कंडीशन होता है। मैं इंग्लैंड दौरे के चुने जाने का इंतजार कर रहा था। इसलिए टीम के ऐलान से पहले ही तैयारी शुरू कर दिया था। हमारे यहां सात गेंदबाज हैं। उनमे से कुछ उत्तराखंड टीम के हैं। इनमें ऑफ स्पिनर गौरव चौधरी भी हैं। हम सभी यहां कोविड-19 टेस्ट के बाद यहां आए हैं। पिच पर घास है। कोलकाता में कोविड-19 के कारण ट्रेनिंग करना मुश्किल था। इस कारण मैं यहां आ गया। हमलोग 5-6 घंटे अभ्यास करते हैं।’’