दोनों तरफ से होनी चाहिए थी वफा, कांग्रेस से बात बिगड़ने पर बोले PK, 2024 में बीजेपी की हार को लेकर कही ये बात

प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर आशंका जाहिर की और कहा कि आज जो कांग्रेस है, वह भाजपा को टक्कर नहीं दे सकती है। कांग्रेस को काफी सुधार की जरूरत है।

Prashant kishor चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (सोर्स- @ANI)

एक समय चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अटकलें जोरों पर थीं। हालांकि, कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच सहमति नहीं बन पाई और पीके ने कांग्रेस के साथ जाने से इनकार कर दिया। प्रशांत किशोर का कहना है कि लगभग पांच महीने की चर्चा के बाद कांग्रेस के साथ उनकी बातचीत विफल हो गई। क्या 2024 में भाजपा को हराया जा सकता है? एक टीवी चैनल से बात करते हुए इसको लेकर भी उन्होंने अपना प्लान बताया।

प्रशांत किशोर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, “2024 में भाजपा को हराना संभव है। लेकिन क्या मौजूदा विपक्ष के साथ भाजपा को हराना संभव है? शायद नहीं… मैं एक विपक्षी मोर्चा बनाने में मदद करना चाहता हूं जो 2024 में कड़ी टक्कर दे सके।” प्रशांत किशोर का कहना है कि यह पूरी तरह संभव है, भले ही अगले महीने कई राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के परिणाम (जिसे सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है) हमारे पक्ष में न आएं।”

उन्होंने कांग्रेस के साथ बात नहीं बन पाने को लेकर कहा, ”दोनों पक्षों को एक साथ काम करने के लिए विश्वास की जरूरत होती है। कांग्रेस के साथ ऐसा नहीं हुआ।” प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा ने हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और जनकल्याण को मिलाकर एक बहुत ही प्रभावशाली चेहरा लोगों के सामने पेश किया और इस सम्मोहन को तोड़ना है, तो कम से कम इन तीन में से दो पर विपक्ष को जीत हासिल करनी होगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि कांग्रेस एक अच्छी पार्टी है और उसकी विचारधारा भी अच्छी है। कांग्रेस के बिना एक मजबूत विपक्ष की परिकल्पना संभव नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस की मदद करने के अपने प्रयासों का बचाव करते हुए, जिसे कई लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी द्वारा कांग्रेस को प्रमुख विपक्षी दल के रूप में हटाने के लिए एक मिशन के रूप में देखते हैं- प्रशांत किशोर का कहना था कि यह बदला नहीं था। पीके ने कहा, “इतनी बड़ी पार्टी से बदला लेने के लिए मैं बहुत छोटा हूं। मुझे लगता है कि हमारे देश में मजबूत विपक्ष की जरूरत है। एक विचार के रूप में कांग्रेस को कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए। यह लोकतंत्र के हित में है।”