धमकाना तो इनके खून में है- जावेद अख़्तर ने कपिल सिब्बल मामले में राहुल गांधी पर उठाए सवाल तो बोले बॉलीवुड फिल्ममेकर

जावेद अख्तर ने राहुल गांधी का नाम लेकर कपिल सिब्बल के घर के बाहर प्रदर्शन करने वालों की आलोचना की जिसके बाद अशोक पंडित पूछने लगे कि क्या उन्हें ये लगता है कि बिना हाई कमांड के आदेश के ही ये सब हो गया?

javed akhtar, rahul gandhi, ashoke pandit जावेद अख्तर की टिप्पणी पर अशोक पंडित उनसे ही सवाल पूछने लगे (Photo-File)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के घर के बाहर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे जिसके बाद सिब्बल के आवास के बाहर उनके खिलाफ ‘गेट वेल सून’ की नारेबाजी भी की गई। इस बात को लेकर मशहूर गीतलेखक जावेद अख्तर ने राहुल गांधी का नाम लेकर प्रदर्शनकारियों की आलोचना की जिसके बाद बॉलीवुड फिल्ममेकर अशोक पंडित उनसे पूछने लगे कि क्या उन्हें ये लगता है कि बिना हाई कमांड के आदेश के ही ये सब हो गया?

दरअसल जावेद अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘कांग्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर राय व्यक्त करने पर कपिल सिब्बल के घर पर हमला करने वाले वही हैं जो अभिव्यक्ति की आज़ादी पर अंकुश लगाने के लिए मोदी सरकार की आलोचना करते हैं। क्या राहुल गांधी को इन गुंडों की कड़े शब्दों में निंदा नहीं करनी चाहिए?’

उनकी इस टिप्पणी पर अशोक पंडित ने ट्वीट किया, ‘जावेद साहब क्या आपको ये लगता है कि ये सब कांग्रेस पार्टी की आलाकमान की सहमति के बिना हुआ? मुझे यकीन है कि आप इस बात से अवगत होंगे कि किस तरह ‘राजकुमार’ की आलोचना के बाद रणवीर शौरी को लोकल कांग्रेस से धमकी मिल रही है। धमकाना तो उनके खून में है।’

बता दें, अभिनेता रणवीर शौरी ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की एक व्यक्ति के साथ खड़े होने की तस्वीर पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। अपने ट्वीट के बाद शौरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तरफ से उन्हें धमकी मिल रही है।

उन्होंने एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया था कि सूरज ठाकुर नाम का एक शख्स कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप के इशारे पर काम करता है और वही उन्हें धमकी दे रहा है। बाद में रणवीर शौरी ने अपना ट्वीट डिलीट भी कर दिया था।

आपको बता दें कि कपिल सिब्बल ने पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर पार्टी आलाकमान पर सवाल उठाए थे और कहा था कि कार्यसमिति की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने संगठनात्मक चुनाव कराए जाने की भी बात कही थी। उनकी इस टिप्पणी से आहत कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनकी कार भी क्षतिग्रस्त कर दी।