धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ में मुस्लिम नहीं, बल्कि ईसाई हैं “सबसे आगे”- NDA सहयोगी नेता का दावा

पादरी ने आरोप लगाया था कि एझावा समुदाय के युवकों ने हाल में कोट्टायम के पास सीरो-मालाबार चर्च से जुड़ी नौ लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन दिया था।

NDA, BJP, Kerala, Christian, Muslim ‘एसएनडीपी योगम’ के नेता वेल्लापल्ली नतेसन (फोटो- फेसबुक- @Vellappally Natesan)

केरल में एनडीए के सहयोगी एझावा समुदाय के संगठन ‘एसएनडीपी योगम’ के नेता वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को पादरी जोसेफ कल्लारंगट के विवादास्पद ‘‘लव और नारकोटिक जिहाद’’ बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कि इस मुद्दे पर ‘‘मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है।’’ ‘एसएनडीपी योगम’ के महासचिव ने कैथोलिक पादरी की टिप्पणी के लिए उन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भारत में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे ज्यादा ईसाई समुदाय के कुछ वर्ग जाने जाते हैं।

पादरी ने आरोप लगाया था कि एझावा समुदाय के युवकों ने हाल में कोट्टायम के पास सीरो-मालाबार चर्च से जुड़ी नौ लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन दिया था। केरल में पादरी की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच नतेसन का यह बयान आया है। कल्लारंगट के विवादास्पद बयान के बाद कैथोलिक पादरी रॉय कन्ननचिरा ने एझावा समुदाय के युवाओं के खिलाफ टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। पादरी कल्लारंगट की ‘‘लव एंड नारकोटिक जिहाद’’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए नतेसन ने कहा, ‘‘नशीले पदार्थ पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। (इसके लिए) अकेले मुस्लिम समुदाय को दोष देना सही नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि जब एक ईसाई महिला मुस्लिम पक्ष में जाती है, तो अन्य समुदायों की सौ महिलाओं की शादी ईसाइयों से होती है। इसके बारे में कोई क्यों नहीं बोल रहा है? ईसाई एझावा महिलाओं से शादी कर रहे हैं। ईसाई धर्म परिवर्तन में लगे देश का सबसे बड़ा समूह है। मुसलमान उस पैमाने पर धर्मांतरण नहीं करते हैं। लव जिहाद में केवल एक ईसाई महिला को मुस्लिम समुदाय में ले जाया जाता है। जबकि धर्मांतरण में एक पूरा परिवार ईसाई धर्म में जा रहा है। धर्मांतरण और लव जिहाद के बारे में बात करते समय, निस्संदेह ईसाई सबसे आगे हैं।

इस बीच, विपक्षी नेता वी डी सतीसन ने सांस्कृतिक नेताओं और कलाकारों को पत्र लिखकर केरल में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।