धर्मेंद्र चुनाव लड़ने के लिए भर चुके थे हामी लेकिन हो रहा था पछतावा, शीशे में मार लिया था सिर; बाजपेयी की एक बात दिल को छू गई थी

धर्मेंद्र बताते हैं कि वह खुद कभी पॉलिटिक्स में नहीं आते, लेकिन फिर भी आ गए। ऐसा भी हुआ कि जब उन्होंने बिना सोचे पॉलिटिक्स जॉइन करने को लेकर हामी भर दी थी, जिस उन्होंने अपना माथा पीटा था।

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बॉलावुड के यू तो तमाम एक्टर रहे जिन्होंने पॉलिटिकल करियर में भी हाथ आजमाया। लेकिन एक्टिंग की दुनिया में प्रसिद्धी पाने वाले कई बेहतरीन अदाकारों का राजनीति में वैसा सिक्का नहीं चमका जैसे ग्लैमर इंडस्ट्री में चमका था। उनमें से एक रहे धर्मेंद्र। धर्मेंद्र ने एक्टिंग के अलावा राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन वह इस क्षेत्र में असफल रहे। हालांकि धर्मेंद्र बताते हैं कि वह खुद कभी पॉलिटिक्स में नहीं आते, लेकिन फिर भी आ गए। ऐसा भी हुआ कि जब उन्होंने बिना सोचे पॉलिटिक्स जॉइन करने को लेकर हामी भर दी थी, जिस उन्होंने अपना माथा पीटा था।

आजतक को दिए इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने बताया था- ‘मुझे ना कहते हुए टाइम लग जाता है, मैं हां ना में फंस जाता हूं। मैं हां करने के बाद भी दो बार एयरपोर्ट से वापस गया, शीशे में सिर भी मारा जब मैं बाथरूम में था कि मैंने क्यों हां किया। फिर किसी ने कहा था कि अच्छे आदमियों की जरूरत है यहां तो, मैंने पढ़ा भी था कहीं अच्छे लोग नहीं आएंगे यहां तो कैसे चलेगा? तो मैंने सोचा मैं अच्छा आदमी क्या पता मैं ही हिंदुस्तान का भला कर दूंगा?’

धर्मेंद्र ने आगे कहा- ‘हमारे भाईसाब ने हमें बड़े प्यार से कहा कि धरम तुम आजाओ। तो मैं मना नहीं कर पाया। वो एक लफ्ज के बाद नहीं रहा गया मुझसे। मैं आगया। फिर 5 साल में मैंने बिकानेर में इतना काम किया। जब कैंपेनिंग के लिए गया तो लड़कियों ने अपने गले से चेन उतार कर दीं। बुजुर्गों ने भी बहुत प्यार दिया। मुझे लगा कि इतना प्यार मिला मुझे। सौ का नोट देकर शगुन देते थे।’

धर्मेंद्र आगे बोले- ’50साल से कुछ काम ही नहीं हुआ वहां। दो तीन मुद्दे थे कि मैं ये कर दूंगा कर दूंगा। तो मैंने अपनी सीएम साहिबा से कहा कि ये काम है जो करवाना है आप सपोर्ट कीजिए। बहुत कुछ किया। लेकिन किसी ने भी इसको उजागर नहीं किया। मीडिया ने भी हेल्प नहीं की मेरी। छोटी सी न्यूज चला दी कि धर्मेंद्र गुमशुदा हैं। बुराई को झट पकड़ लिया, अच्छाई किसी ने देखी नहीं। मैं सबका हूं, पॉलिटिक्स में आकर आदमी फंस जाता है।’

धर्मेंद्र ने ये कबूल किया- ‘ये मोटी चमड़ी वाले लोगों का काम है। मैं ऐसा नहीं हूं। मैं बाजपेयी जी की बात को नहीं टाल पाया। व्यक्तिगत तौर पर वह मुझे बहुत अच्छे लगते थे। एक लीडर के अलावा वह बहुत अच्छे इंसान थे। छोटी सी बात को वह टक से ऐसे कह जाते थे, कि सामने वाले को हिला देते थे। न कहते भी सब कह जाते थे।’

बता दें, एक्टर धर्मेंद्र साल 2004 में बीकानेर से सांसद रहे थे। धर्मेंद्र के संसदीय कार्यकाल को अच्छा नहीं माना जाता। धर्मेंद्र ने भारतीय जनता पार्टी की काफी कैंपेन की थी। वहीं अपनी और एक्ट्रेस हेमा मालिनी की स्टार पॉवर के दम पर वो सांसद बने थे। अटल बिहारी बाजपेयी ने उन्हें प्रेम से कहा था कि उन जैसे अच्छे लोगों की पॉलिटिक्स में सख्त जरूरत है। ऐसे में दर्मेंद्र ने पॉलिटिक्स में कदम रखा। लेकिन उनका मन ज्यादा दिनों तक पॉलिटिक्स में नहीं लगा।