नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच विवाद पर भड़के विराट कोहली, बोले- जब हम 3 दिन में हारे तब कोई नहीं बोला?

कोहली से जब यह पूछा गया कि इस तरह की चुनौतीपूर्ण स्पिन पिचों पर विकेट बचाए रखने के लिए किस तरह की क्षमता चाहिए तो विराट ने मजबूत डिफेंस पर जोर दिया। हालांकि, वे भी मानते हैं कि छोटे प्रारूप की वजह से अब यह भी मजबूत नहीं है।

Virat Kohli, Narendra Modi Stadium

अहमदाबाद में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया तीसरा टेस्ट मैच दो दिनों में ही समाप्त हो गया था। इसके बाद से कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट और विदेशी मीडिया नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। भारतीय कप्तान विराट कोहली से जब इस बारे में पूछा गया तो वे भड़क गए। कोहली ने कहा कि 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हम 3 दिन में टेस्ट हार गए थे। तब किसी ने कुछ नहीं बोला था। सभी बल्लेबाजों की तकनीक को लेकर सवाल उठा रहे थे।

कोहली ने गुरुवार से शुरू होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘स्पिन होती पिचों के बारे में हमेशा ज्यादा हो-हल्ला और ज्यादा ही बातचीत होती है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारी मीडिया उन विचारों का खंडन करने और ऐसे विचारों को पेश करने की स्थिति में है कि केवल स्पिन पिचों की ही आलोचना करना अनुचित है तो ही यह संतुलित बातचीत होगी।’’कोहली ने तीसरे टेस्ट मोटेरा की पिच पर अपनी टीम विफलता के लिये बल्लेबाजों की तकनीक को जिम्मेदार ठहराया था।

कोहली से जब यह पूछा गया कि इस तरह की चुनौतीपूर्ण स्पिन पिचों पर विकेट बचाए रखने के लिए किस तरह की क्षमता चाहिए तो विराट ने मजबूत डिफेंस पर जोर दिया। हालांकि, वे भी मानते हैं कि छोटे प्रारूप की वजह से अब यह भी मजबूत नहीं है। कोहली ने कहा, ‘‘डिफेंस सबसे जरूरी है, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट के असर की वजह से टेस्ट क्रिकेट में लगातार नतीजे मिल रहे हैं। इन दिनों चार-पांच सेशन तक खेलने पर ध्यान नहीं है, हर कोई बोर्ड पर तेजी से 300 से 350 रन जुटाना चाहता है। शायद लोग डिफेंस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’’

कोहली ने न्यूजीलैंड में भारत को मिली एक हार का जिक्र किया जिसमें टीम इंडिया तेज गेंदबाजों के मुफीद पिच पर जूझ रही थी। उन्होंने कहा कि किस तरह तब पिच की नहीं बल्कि बल्लेबाजों की तकनीक की आलोचना की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम न्यूजीलैंड में 36 ओवर में तीसरे दिन ही हार गए थे। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे यहां किसी ने भी पिच के बारे में नहीं लिखा था। इसमें सिर्फ यही था कि भारत न्यूजीलैंड में कितना खराब खेला।’’

कोहली ने कहा, ‘‘किसी भी पिच की आलोचना नहीं की गई थी, पिच कैसा बर्ताव कर रही थी, गेंद कितनी मूव कर रही थी, पिच पर कितनी घास थी, इसे देखने कोई नहीं आया। हमारी टीम इनकी शिकायत करने के बजाय परिस्थितियों के हिसाब से ढलने की वजह से ही पिछले कुछ समय से सफलता हासिल कर रही है। हमारी सफलता का कारण यही है कि हम जिस भी तरह की पिच पर खेले हों, हमने किसी भी पिच के बारे में शिकायत नहीं की और हम इस तरह से खेलना जारी रखेंगे।’’