नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला जेल में करेंगे क्लर्क का काम, जानिए कितनी मिलेगी दिहाड़ी

रोड रेज मामले में जेल की सजा काट रहे नवजोत सिंह सिद्धू को जेल में क्लर्क के काम के लिए सहायक नियुक्त किया गया है।

Navjot-Singh-Sidhu नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल/ इंडियन एक्सप्रेस)

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) पाटियाला सेंट्रल जेल में क्लर्क का काम करेंगे। साल 1988 के रोज रेज मामले में दोषी सिद्धू को इसके लिए तीन महिने तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इन तीन महिनों की ट्रेनिंग में नवजोत सिंह सिद्धू को सिखाया जाएगा कि कोर्ट के लंबे फैंसलों को कैसे शॉर्ट किया जाए और उन्हें जेल रिकोर्ड कैसे संकलित किया जाए, यह भी बताया जाएगा।

कितनी मिलेगी सिद्धू को दिहाड़ी: जेल नियमावली के अनुसार सिद्धू को पहले 90 दिनों तक भुगतान नहीं किया जाएगा। तीन महिने का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 40 रुपये से 90 रुपये प्रति दिन के बीच मजदूरी मिलेगी। उनका वेतन उनके कौशल के आधार पर तय किया जाएगा और कमाई उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी।

बैरक से ही काम करेंगे सिद्धू: जेल अधिकारी के मुताबिक पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सिद्धू अपने बैरक से ही काम करेंगे क्योंकि वो हाई प्रोफाइल कैदी हैं. बताया गया कि जेल से जुड़ी फाइलें उनकी बैरक में ही भेजी जाएंगी और उन्हें सेल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. जेल अधिकारियों के मुताबिक सिद्धू बीते मंगलवार से क्लर्क का काम शुरू कर चुके हैं. वो दो शिफ्ट सुबह से दोपहर और और दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक काम करेंगे

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बैरक की बढ़ाई गई सुरक्षा: इसी बीच नवजोत सिंह सिंद्धू को जिस बैरक में रखा गया है, उसके अंदर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। 5 वर्डन और चार जेल कैदियों को सिद्धू पर नजर रखने को कहा गया है। इस बीच,एक मेडिकल बोर्ड ने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए डाइट चार्ट बनाया है। सिद्धू मोटापे और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से पीड़ित थे। डाइट चार्ट अभी जेल तक नहीं पहुंचा है। सिद्धू अभी सलाद और फलों के आहार पर हैं। उन्होंने यह कहकर दाल रोटी खाने से मना कर दिया था कि उन्हें गेहूं से एलर्जी है।

क्या है पूरा मामला: रोड रेज मामले में 65 वर्षीय बुजुर्ग गुरनाम सिंह री मौत हो गई थी। न्यायालय ने इस मामले में मई 2018 में सिद्धू को जान बूझकर चोट पहुंचाने के अपराध का दोषी माना था। जिसके बाद उन्होंने 20 मई को पटियाला की निचली अदालत में आत्मसमर्पण किया था। सिद्धू को जिस बैरक में रखा गया है।