नहीं मानी सरकार की गाइडलाइन तो ट्विटर पर होगी बड़ी कार्रवाई, नहीं रह जाएगा इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म

ट्विटर ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिये अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है और जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। – आशीष आर्यन

नए नियमों का पालन नहीं करने पर ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर और सरकार के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है। सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन को नहीं मानने के हालत में ट्विटर पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ट्विटर से भारतीय आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिली सुरक्षा का अधिकार छिन गया है।

इसके तहत अब ट्विटर पर कोई गैरकानूनी या भड़काऊ पोस्ट किसी यूजर की और से पोस्ट किया जाता है तो उस संबंध में भारत के प्रबंध निदेशक समेत शीर्ष अधिकारियों से पुलिस अब पूछताछ कर सकेगी। इस बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ट्विटर के खिलाफ वायरल वीडियो को लेकर एक मामला दर्ज भी कर लिया गया है। पुलिस की तरफ से गाजियावाद के मामले में ट्विटर के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाया है। सूत्रों ने कहा कि 15 जून तक, ट्विटर महत्वपूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच एकमात्र मंच था, जिसने सरकार से आदेश के बावजूद अनुपालन अधिकारी नियुक्त नहीं किया था।

हालांकि ट्विटर ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिये अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है और जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा।

सरकार के द्वारा फरवरी में जारी दिशानिर्देशों में कहा गया था कि सभी महत्वपूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 26 मई तक इन भूमिकाओं के लिए अधिकारियों को नामित करने की आवश्यकता थी। 26 मई को, मंत्रालय ने इन प्लेटफॉर्म को पत्र लिखकर सभी नियुक्तियों का विवरण जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के लिए कहा था।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि हमने उन्हें आखिरी नोटिस 5 जून को भेजा था, जिसका उन्होंने 6 जून को जवाब दिया था कि उन्होंने एक शिकायत अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति को अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया था, और एक मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस जवाब के 10 दिन से अधिक हो गए हैं लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया उनकी तरफ से सामने नहीं आयी है। अधिकारी ने कहा कि अगर वो नियमों के अनुपालन में असफल रहती है तो उसे आईटी कानून के तहत इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म के नाते जो छूट मिली है उसे वापस ले लिया जाएगा।