नहीं रहे दुनिया को MRI तकनीक देने वाले प्रोफेसर जॉन मल्लार्ड

एमआरआई तकनीक के जरिए पूरे शरीर को स्कैन करने में मदद मिलती है. (रॉयटर्स फोटो)

एमआरआई तकनीक के जरिए पूरे शरीर को स्कैन करने में मदद मिलती है. (रॉयटर्स फोटो)

MRI Scan: यह दुनिया की पहली ऐसी तकनीक है जिसके जरिए पूरे शरीर को स्कैन करने में सफलता हासिल हुई और आगे चलकर यह मेडिकल साइंस में बेहद खास साबित हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 12:15 PM IST
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नई दिल्ली. मैगनेटिक रिजॉनेंस इमेजिंग (एमआरआई) तकनीक को दुनिया के सामने लाने में अहम भूमिका निभाने वाले ब्रिटेन के चिकित्सा भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर जॉन मल्लार्ड का बीते शुक्रवार को निधन हो गया. वे 90 साल के थे. जॉन मल्लार्ड के निधन के बारे में एबरडीन विश्वविद्यालय ने
जानकारी दी.

एमआरआई के जरिए पूरे शरीर को स्कैन कर बिमारियों का पता लगाया जाता है. प्रोफेसर जॉन मल्लार्ड उस टीम की अगुवाई कर रहे थे, जिन्हें एमआरआई मशीन को विकसित करने का श्रेय दिया जाता है. यह दुनिया की पहली ऐसी तकनीक है जिसके जरिए पूरे शरीर को स्कैन करने में सफलता हासिल हुई और आगे चलकर यह मेडिकल साइंस में बेहद खास साबित हुआ.

एमआरआई तकनीक के माध्यम से कैंसर, डिमेन्शीया समेत कई गंभीर बिमारियों का पता लगाकर उसका इलाज किया जा रहा है. इतना ही नहीं, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में लगने वाली चोटों को भी इस मशीन के जरिए सामने लाकर उसका उपचार करने में मदद मिलती है.
प्रो. जॉन मल्लार्ड पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) इमेजिंग तकनीक के लिए भी जाने जाते हैं. उन्होंने ही सबसे पहे इसमें महारत हासिल की थी. पीईटी एक ऐसी तकनीक है, जो शरीर की कार्यात्मक प्रक्रियाओं की 3-डी इमेज को तैयार कर मानव शरीर में रोगों का पता लगाती है.

मेडिकल साइंस की दुनिया अहम योगदान देने वाले प्रो. मल्लार्ड को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के जन्मदिन पर ओबीई से सम्मानित किया गया है. उन्हें 2004 में ‘फ्रीडम ऑफ द सिटी ऑफ एबरडीन’ सम्मान से भी नवाजा गया था.