नाबालिग बहनों का रेप के बाद कत्ल, पेड़ में टांग दीं लाशें; सीएम बोले- संतोष है गुनहगार पकड़े गए

लड़कियों के परिवार ने पहले ही दावा किया था कि उनकी दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। हालांकि, शुरुआत में पुलिस इसे सुसाइड का केस मानकर जांच कर रही थी।

असम के कोकइराझार में हुई इस घटना में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। (प्रतीकात्मक फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

असम के कोकराझार जिले के एक गांव में पिछले हफ्ते दो नाबालिग बहनों के शव पेड़ से लटके मिले थे। अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि दोनों लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ था और बाद में उनकी जान ले ली गई। पुलिस ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। कोकराझार के एसपी थुबे प्रतीक विजय कुमार ने कहा कि दोनों लड़कियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। लेकिन मामले में गिरफ्तार किए गए सात लोगों ने 14 से 16 के बीच की इन लड़कियों के साथ दुष्कर्म और उन्हें जान से मारने की बात कबूली है।

यह घटना पिछले हफ्ते अभ्याकुती गांव स्थित छोटे जंगल में हुई थी। थुबे ने कहा कि आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर हमने पूरी घटना को का रुपांतरण किया। बता दें कि उनके परिवार ने पहले ही दावा किया था कि दोनों लड़कियों की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। हालांकि, शुरुआत में पुलिस इसे सुसाइड का केस मानकर जांच कर रही थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक के बाद एक आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी थुबे के मुताबिक, शुरुआत में यह पूरी तरह ब्लाइंड केस था। यानी पुलिस के पास कोई भी सुराग नहीं था। लेकिन 72 घंटे के अंदर पुलिस ने मामले को सुलझा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपने कबूलनामे में कहा है कि वे दोनों लड़कियों को जानते थे और जहां लड़कियों के परिवार रहते थे, उससे कुछ ही दूरी पर उनका भी घर था।

गौरतलब है कि इस घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा रविवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने राज्य पुलिस को मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी करने के आदेश भी दिए थे। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट कर बताया कि यह केस सुलझा लिया गया। उन्होंने लिखा, “संतुष्टि हुई कि घटना के आरोपियों की पहचान हो गई।”

सरमा ने ट्विटर हैंडल पर आरोपियों की पहचान भी उजागर कर दी। उन्होंने कहा, “मुजम्मिल शेख, नजीबुल शेख और फारूक रहमान नाम को कोकराझार में दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों के दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस घृणित अपराध में पहले दोनों लड़कियों को मार दिया गया और फिर उनके शवों को पेड़ की टहनी से लटका दिया गया। असम पुलिस ने इस मामले में अच्छा काम किया।”