नीट को लेकर स्टालिन का केंद्र के खिलाफ मोर्चा, एक साथ मुहिम के लिए 12 राज्यों के सीएम को लिखी चिट्ठी

स्टालिन ने अपने पत्र में एके राजन समिति की उस रिपोर्ट को भी शामिल किया है, जिसमें बताया गया है कि NEET परीक्षा होने से वंचित वर्ग के छात्रों पर क्या असर पड़ता है।

MK Stalin मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के खिलाफ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आंदोलन छेड़ दिया है। (फाइल फोटो)

मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के खिलाफ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आंदोलन छेड़ दिया है। उन्होंने इस परीक्षा के खिलाफ 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर समर्थन मांगा है।

स्टालिन ने यह पत्र ज्यादातर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों को भेजा है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गोवा के मुख्यमंत्रियों से समर्थन मांगा है।

पत्र में उन्होंने ये अनुरोध किया है कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे संबंधित राज्यों के छात्र और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन लेने में परेशानी नहीं हो।

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में 13 सितंबर को एक विधेयक पारित हुआ था, जिसके मुताबिक राज्य में NEET परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी और मेडिकल कॉलेजों में बच्चों को कक्षा 12 में मिले नंबरों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इसी बात को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 12 राज्यों के सीएम को चिट्ठी लिखकर समर्थन मांगा है।

उन्होंने पत्र में बाकी राज्यों से मांग की है कि वे भी शिक्षा क्षेत्र में राज्यों की प्रधानता को दोबारा पाने के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाएं।स्टालिन ने अपने पत्र में एके राजन समिति की उस रिपोर्ट को भी शामिल किया है, जिसमें बताया गया है कि NEET परीक्षा होने से वंचित वर्ग के छात्रों पर क्या असर पड़ता है।

स्टालिन ने 12 राज्यों के सीएम से ये अनुरोध किया है कि वह पत्र के साथ अटैच किए गए दस्तावेजों को देखें और एक साथ आएं, जिससे शिक्षा विषय में राज्यों के अधिकार उन्हें दोबारा वापस मिल सकें।

उन्होंने कहा कि हमारा रुख साफ है कि केंद्र सरकार की नीट शुरू करने की पहल संघीय ढांचे के विपरीत है और राज्य सरकारों के अधिकारों को कम करके जो संवैधानिक संतुलन कायम किया जाना चाहिए, उसका उल्लंघन है।