नीरज चोपड़ा ने बीच में ही छोड़ा स्वागत समारोह, पिता से नहीं मिल पाए, मां नहीं खिला पाईं चूरमा; ये है वजह

नीरज चोपड़ा के स्‍वागत के लिए पानीपत जीटी रोड स्थित समालखा में गांव के लोग पहले पहुंच गए थे। सुबह करीब 8 बजे नीरज चोपड़ा के आने के स्‍वागत की तैयारी पूरी हो चुकी थी। नीरज के पहुंचते ही फूलों की बारिश हुई।

Neeraj Chopra Gold medalist Tokyo Olympics felicitation ceremony नई दिल्ली में सोमवार यानी 9 अगस्त, 2021 को अपने सम्मान समारोह के दौरान टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा। (सोर्स- पीटीआई)

अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा घर की दहलीज पर आकर भी पिता से नहीं मिल पाए। यही नहीं, वह अपनी मां के हाथ का बना चूरमा भी नहीं खा पाए। तबीयत खराब होने के साथ-साथ उनके घर पर ही इतनी भारी भीड़ एकत्र हो गई, जिसके कारण नीरज घर पर नहीं रुककर पास में कहीं दूसरी जगह रुके। हालांकि चेकअप के बाद उनकी हालत में सुधार होने पर वह चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। 

स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को पानीपत के पास अपने गांव में टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर जश्न मनाने के लिए आयोजित स्वागत समारोह में हिस्सा लेना था। लेकिन थकान और ‘हलके’ बुखार के कारण वह यह समारोह बीच में ही छोड़ने के लिए मजबूर हुए। नीरज चोपड़ा एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक पदक जीतने के बाद पिछले सोमवार स्वदेश लौटे हैं। यह 23 साल का खिलाड़ी इसके बाद से कई स्वागत समारोहों में शामिल हुआ। इससे उनके शरीर को आराम नहीं मिल पाया।

नीरज चोपड़ा के एक करीबी सूत्र के हवाले से पीटीआई ने बताया कि अच्छे आराम के बाद उनकी तबीयत ठीक हो जानी चाहिए। उन्होंने एहतियात के तौर पर इस स्वागत समारोह को बीच में छोड़ दिया। वह मंगलवार को पानीपत से लगभग 15 किलोमीटर दूर पैतृक गांव खंडरा लौटे। वहां स्थानीय लोगों के उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सूत्र ने बताया, ‘जब उनका काफिला स्वागत समारोह में पहुंचा तो वहां बड़ी संख्या में लोग आए थे। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में उन्हें समय लगा।’

सूत्र ने कहा, ‘समारोह के बीच में ही वह थका हुआ महसूस कर रहे थे और उन्हें हल्का बुखार होने लगा। इसलिए, उन्होंने समारोह छोड़ दिया और पास के एक घर में आराम किया।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ अफवाहें हैं कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है। वह ठीक हैं, यह कोई गंभीर मामला नहीं है। टोक्यो से आने के बाद कई कार्यक्रमों में बिना रुके भाग लेने के कारण वह थकान महसूस कर रहे हैं। वह अपने घर से थोड़ी दूरी पर किसी और के घर में आराम कर रहे हैं।’

जब यह पूछा गया कि चोपड़ा अपने घर क्यों नहीं गए तो उन्होंने कहा, ‘वह निश्चित तौर पर घर जाएंगे, लेकिन वह मीडिया समेत लोगों की भीड़ नहीं चाहते।’ नीरज चोपड़ा के टोक्यो से लौटने के बाद उन्हें और अन्य ओलंपिक पदक विजेताओं को खेल मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया। अगले दिन, उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में भाग लिया।

उसके बाद नीरज चोपड़ा को तेज बुखार हो गया और गुरुवार तथा शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों द्वारा आयोजित सम्मान समारोहों में वह भाग लेने से चूक गए। उनका कोविड-19 के लिए परीक्षण किया गया था, लेकिन उसका नतीजा निगेटिव आया था। उन्होंने हालाँकि, भारतीय ओलंपिक दल के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा आयोजित हाई-टी (शाम का जलपान) कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

रविवार को नीरज चोपड़ा उन टोक्यो ओलंपियंस में शामिल थे, जिन्होंने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया था। शाम को, वह भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने आवास पर भारत के ओलंपिक दल से नाश्ते पर मुलाकात की जिसमें चोपड़ा भी मौजूद थे।