पंजाबः विधानसभा में SAD का हंगामा, राज्यपाल के अभिभाषण का किया विरोध

राज्यपाल विधानसभा का अभिभाषण पढ़कर बाहर जा रहे थे तो विधानसभा परिसर के गेट तक विपक्षी विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और स्वागत के लिए बिछाए गए रेड कारपेट को भी हटा दिया।

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पंजाब विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सत्र के पहले ही दिन शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेताओं ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा किया। राज्यपाल के सदन में प्रवेश करते ही अकालियों ने गो बैक के नारे लगाए। राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के अभिभाषण के दौरान भी अकालियों की नारेबाजी जारी राखी।

वीपी सिंह बदनौर ने अपने अभिभाषण में किसान आंदोलन और तीन कृषि कानूनों के विपरीत संशोधन बिलों का कोई उल्लेख नहीं किया। जिसके चलते विपक्ष के कई नेता नाराज़ हो गए और विक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में अकाली विधायकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। वे सदन के बीचों बीच पहुंचे और उन्होंने हवा में कुछ पन्ने भी उछाले। उन्होंने राष्ट्रपति को संशोधित विधेयक नहीं भेजने को लेकर राज्यपाल से सवाल किए।

जब राज्यपाल विधानसभा का अभिभाषण पढ़कर बाहर जा रहे थे तो विधानसभा परिसर के गेट तक विपक्षी विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और स्वागत के लिए बिछाए गए रेड कारपेट को भी हटा दिया। शिरोमणि अकाली दल ने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा और लोक इंसाफ पार्टी के विधायकों ने अलग-अलग जगहों पर राज्यपाल के जाने के रास्ते में उनके खिलाफ नारेबाजी की। लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत बैंस ने राज्यपाल के अभिभाषण की प्रति और अन्य कागज फाड़कर राज्यपाल की तरफ फेंक दिए।

मीडिया स्से बात करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मौजूदा कैप्टन सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर फ्रेंडली मैच खेल रही है। उन्होंने कहा कि जिस राज्यपाल ने पंजाब विधानसभा की ओर से पास किए गए तीन खेती बिलों को रोका हुआ है, उस राज्यपाल का विरोध न करके कैप्टन सरकार मिलीभगत साबित कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य में प्रतिदिन 26500 टेस्ट किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि 3 प्लाज़्मा बैंक भी बनाए, ताकि गंभीर मरीजों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान उन लोगों के बिजली कनेक्शन नहीं कटे जिन्होंने बिल नहीं भरे। पांच लाख से ज्यादा मज़दूरों को उनके घरों में भेजने का प्रबंध किया गया। राज्यपाल ने कहा कि महामारी को रोक लिया गया है, पर यह लापरवाही बरतने का समय नहीं है।